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नई दिल्ली: MS Dhoni के संन्यास को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सेमीफाइनल में मिली हार के बाद से ही वो आलोचकों के निशाने पर हैं। धोनी ने अपने 15 साल के क्रिकेट करियर में कई इतिहास रचे। एक ऐसा बल्लेबाज जिसने मिडिल ऑर्डर में आकर टीम इंडिया को कई हारी बाजी जिताई लेकिन अब माही के अंदर वो मैजिक नहीं रहा। अब धोनी का करियर ढलान पर है और इसीलिए उनके संन्यास की मांग लगातार तेज हो रही है और आंकड़े भी इसकी तस्दीक करते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं धोनी के टी20 रिकॉर्ड की जो कि बेहद ही खराब है। वैसे तो धोनी ने टी20 में 37.6 के औसत से 1617 रन बनाए हैं, लेकिन यहां गौर करने वाले बात ये है कि वो 42 बार नॉट आउट रहे हैं। अगर हम उनकी पारियों के हिसाब से उनका बल्लेबाज औसत निकालें तो वो घटकर महज 19.02 रह जाता है। टी20 में धोनी ने सिर्फ 2 अर्धशतक लगाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी 126.13 है जो उनके आईपीएल स्ट्राइक रेट से 14 अंक कम है। यही नहीं टी20 क्रिकेट में धोनी पारी में महज 1.98 बाउंड्री लगाते हैं जो कि आईपीएल में लगभग 3 है। 

धोनी का ताजा वनडे रिकॉर्ड उनके खिलाफ जा रहा है। साल 2015 के वर्ल्ड कप से उनका प्रदर्शन लगातार गिर रहा है। 2016 और 2018 तो उनके करियर के सबसे खराब सालों में से एक हैं। साल 2016 में उन्होंने महज 27.8 की औसत से 278 रन बनाए और 2018 में उनका औसत गिरकर 25 हो गया। साल 2017 में उनका औसत बढ़कर 60.61 हुआ। इस साल भी उनका औसत 60 से ज्यादा का है।

पिछले चार सालों में धोनी का स्ट्राइक रेट काफी कम हो गया है। साल 2018 में उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 71.42 रहा। साल 2019 में धोनी ने चेज करते हुए 8 पारियों में 404 रन जरूर बनाए लेकिन उनका स्ट्राइक रेट महज 76.66 रहा। साल 2019 वर्ल्ड कप में वो चेज करते हुए टीम इंडिया को दो मैच जिताने में नाकाम रहे। पहला मैच था इंग्लैंड के खिलाफ और दूसरा था न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल साफ है धोनी के अंदर रन बनाने की भूख जरूर है लेकिन अब वो पहले जैसे तेज नहीं रह गए हैं।

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Web Title: This problem with the performance of Dhoni, statistics are also the certainty of retirement!

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