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नई दिल्ली : बी.सी.सी.आई. ने नाडा के साथ करार की अपनी कुछ शर्तो में बदलाव किया है। आई.सी.सी. ने बी.सी.सी.आई. को नैशनल एंटी डोपिंग एजैंसी (नाडा) के अंतर्गत आने के लिए मना लिया है, ताकि वल्र्ड एंटी डोपिंग एजैंसी (वाडा) से मान्यता रद्द होने से बचा जा सके। बी.सी.सी.आई. अपने पूरे अधिकार नाडा को देना नहीं चाहता है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बी.सी.सी.आई. का मानना है, जो भी करार में व्यवस्था की जाए, वह शुरूआती 6 महीने के लिए ट्रायल आधार पर हो।

सैंपल लेने के लिए डोपिंग कंट्रोल अधिकारी जो कि आई.डी.टी.एम. (बी.सी.सी.आई. की ओर से हायर की गई एक प्राइवेट एजैंसी) हो। उन्होंने कहा कि बोर्ड का यह भी मानना है कि सैंपल बी.सी.सी.आई. के एंटी-डोपिंग मैनेजर की मौजूदगी में ही लिए जाएं और बोर्ड ही तय करे कि किस मैच के दौरान सैंपल लिए जाएं। बी.सी.सी.आई. ने ड्राफ्ट में बदलाव कर नाडा और आई.डी.टी.एम. को भेज दिया है। 

अधिकारी ने कहा कि नाडा अपने नियमों के साथ काम करेगा। घरेलू सीजन की शुरूआत के साथ ही सैंपल लेने भी शुरू किए जाएंगे। यदि बी.सी.सी.आई. उसके इस काम में बाधा पहुंचाएगा तो वह वाडा को निगेटिव रिपोर्ट भेजने के लिए बाध्य होगा।वाडा की डेडलाइन को देखते हुए आईसीसी ने बीसीसीआई के नाडा के साथ मसले को जल्द से जल्द सुलझाने का मन बना लिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी एजेंसी बीसीसीआई की शर्तों को मानने के लिए राजी होगी या नहीं। 
 

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Web Title: BCCI's condition for doping tests of cricketers, board will be examined after the permission

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