नई दिल्ली: इंसान ने विज्ञान और टेक्नोलॉजी में इतनी तरक्की कर ली है कि हमारी दुनिया कितनी बदल गई है इस बात को हम आज से अगर 2 दशक पिछे चले जाएं तो खुद ही इस बात को समझ जाएंगे। विज्ञान हमें आसमान को लांघकर चांद तक पहुंचा चुका है। विज्ञान इतनी तरक्की कर चुका है कि स्पेस में फैक्ट्रियां लगाने पर गंभीरता से काम चल रहा है। भले ही सुनने में ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह लगे लेकिन यह हकीकत है कि दुनिया के कुछ अमीर उद्योगपति धरती छोड़कर आसमान में फैक्ट्रियां लगाने की सोच रहे हैं। डिस्कवर मैग्जिन ने इस बारे में रिपोर्ट जारी की है। 

CWC 2019: वर्ल्ड कप फाइनल से पहले कॉमेंट्री बंद, जानें क्यों मचा है बवाल

स्पेस में फैक्ट्रियां लगाने के पीछे कुछ वाजिब तर्क दिए जा रहे हैं। मसलन धरती के संसाधनों का हद से ज्यादा दोहन हो चुका है, बढ़ती आबादी के दवाब को कम करने के लिए अब संसाधनों के इस्तेमाल को सीमित करने की जरूरत है। वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती के जो थोड़े संसाधन बचे हुए हैं, वो इंसानों के अस्तित्व के लिए बहुत जरूरी हैं। इंसान को अब अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए धरती के बाहर कदम रखना होगा और दूसरे ग्रहों और एस्टोरॉयड के संसाधनों का इस्तेमाल करना होगा।

ICC World Cup फाइनल में छाए संकट के बादल, जानें क्या है पूरी खबर

अमेज़न के सीईओ जेफ बेजोस इस मिशन को सपोर्ट कर रहे हैं। बेजोस ने कहा है कि हकीकत ये है कि धरती की उर्जा खत्म हो रही है, ये सिर्फ अंकगणित का खेल है। यहां तक की नासा भी इसके रिसर्च में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, एस्टोरॉयड माइनिंग की टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है। डिस्कवरी मैग्जिन से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि धरती को बचाने के लिए हमें स्पेस का रुख करना पड़ रहा है। ये अब जरूरी हो गया है। पिछले महीने ही जेफ बेजोस ने अपनी स्पेस कंपनी लुनर लैंडर का ऐलान किया था। स्पेस में फैक्ट्री लगाने की सोच अभी शुरुआती दौर में है। मुमकिन है कुछ वर्षों में एमेजॉन जैसी कंपनियां स्पेस में अपनी फैक्ट्रियां लगा पाएं।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: Amazon will now open its factory in space!

More News From knowledge

Next Stories
image

free stats