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संगरुर: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज बादल परिवार पर अकाल तख्त का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जो समुदायिक संस्था का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए करता है वह सिख नहीं है। उन्होंने यहां कांग्रेस प्रत्याशी केवल सिंह ढिल्लों के नामांकन दाखिल करने से पूर्व एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म का ऐसा राजनीतिकरण शिरोमणि अकाली दल को नुकसान ही पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि अकाली खुद को सिख धर्म के संरखक बताते हैं पर हमेशा इसका इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए करते हैं।

उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह भी अकाल तख्त के सामने मात्था टेकते थे और उन्होंने अपनी सजा भुगती लेकिन दूसरी तरफ बादल अपने  राजनीतिक हित साधने के लिए जत्थेदार को बुलाते और निर्देश देते हैं जिससे उन्होंने तख्त की गरिमा को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि सिक्ख धर्म को ऐसे  स्वार्थी तत्वों  से बचाने की जरुरत है। 

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की  भूमिका निभाती है। कैप्टन ने कहा कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ति का सहयोग करेंगे जो शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक  कमेटी को अकालियों के चंगुल से छुड़ायेगा। उन्होंने कहा कि जब 1984 में दरबार साहिब पर हमला हुआ तो उन्होंने कांग्रेस से भी और सरकार से भी इस्तीफा दिया था। 

पिछली सरकार के कार्यकाल में धार्मिक बेअदबी का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार है उसे बख्शा नहीं जायेगा। नरेंद्र मोदी सरकार की नोटबंदी समेत ‘जनविरोधी‘ फैसलों के लिए आलोचना करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने श्री मोदी के वायदों को खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि न तो वह काला धन निकाल पाये, न पंद्रह लाख रुपये लोगों के खातों में डाल पाये, न किसानों की आय दुगनी कर पाये और न ही युवाओं को नौकरियां दे पाये। उन्होंने कहा कि ‘‘चौकीदार‘‘ एक और जुमला है जो पार्टी ने सत्ता बचाने के लिए उछाला है। 
 

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Web Title: CM Capt Amarinder Singh statement on shri Akal Takht sahib 

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