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नई दिल्ली: करीब 8 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी जेट एयरवेज देश की पहली निजी एयरलाइंस जेट एयरवेज ने अपनी सेवा 25 साल बाद अस्थायी तौर पर बंद कर दी है। अब कंपनी की हालत ये है कि 14 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों को दो महीनों से सैलरी नहीं दी गई है। जेट एयरवेज के पायलटों और क्रू मेंबर्स को करीब छह महीने से मेहनताना नहीं मिल रहा है, फिर भी कंपनी के स्टाफ बिना सैलरी के काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को उम्मीद है कि एक दिन कंपनी की तरफ से उन्हें उनके कामों का मेहनताना दिया जाएगा।

JET Airways  को बड़ा झटका, अस्थायी तौर पर बंद हुआ परिचालन

जेट के अस्थायी तौर पर बंद होने से यात्रियों, एयरलाइन के आपूर्तिकर्ताओं का भी करोड़ों रुपया फंस गया है। बुधवार मध्यरात्रि को अमृतसर से नई दिल्ली के लिये जेट की आखिरी उड़ान भरी गई। जेट एयरवेज की फ्लाइट सर्विस बंद होने के बाद बैंकों के नियंत्रण में आ चुकी इस एयरलाइन की अब बोली लगाई जाएगी। इसके लिए चार बोलीदाता एतिहाद एयरवेज, राष्ट्रीय निवेश कोष एनआईआईएफ, निजी क्षेत्र के टीपीजी और इंडिगो पार्टनर हैं। नरेश गोयल खुद को पहले ही बोली की प्रक्रिया से अलग कर चुके हैं। चारों बोली दाताओं के पास अंतिम बोली सौंपने के लिए 10 मई तक का समय है। 

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Web Title: Jet Airways stuck salaries for more than 14 thousand employees, flight service stopped

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