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चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा किसानों को कृषि जमीन पर लगे ट्यूबवैल के बिजली कनैक्शन पर सब्सिडी दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आमिर किसानों को यह सब्सिडी क्यों दी जा रही है। इसे सरकार वापस क्यों नहीं लेती, लिहाजा हाईकोर्ट ने अब मामले में पंजाब सहित हरियाणा सरकार को भी आमिर किसानों को ट्यूबवैल पर दी जा रही सब्सिडी लेने के लिए उठाए जाने के लिए की जा रही करवाई की 6 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को जानकारी दिए जाने के आदेश दे दिए हैं।

चीफ जस्टिस कृष्णा मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने यह आदेश इस मामले को लेकर एडवोकेट एच.सी. अरोड़ा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। पंजाब सरकार ने कहा था कि जिस नीति के तहत किसानों को खेतों में पंपसैट के लिए मुफ्त बिजली दी जा रही हैं, उसमे आमिर और गरीब का कोई फर्क नहीं रखा गया है। बावजूद इसके पी.एस.पी.सी.एल. ने गत वर्ष 23 फरवरी को एक सकरूलर जारी कर कहा है कि अगर कोई किसान इस सब्सिडी को छोड़ना चाहता है तो वो छोड़ सकता है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इसे किसी कि स्वेछा पर नहीं छोड़ा जा सकता। इस मामले में अब सरकार कार्रवाई कर यह सब्सिडी वापस ले सकती है। 

दायर याचिका में अरोड़ा ने बताया है कि वर्ष 2016-17 में ही ट्यूबवैल्स के लिए मुफ्त बिजली दिए जाने के चलते सरकार को 6113 करोड़ रुपए का पी.एस.पी.सी.एल. को भुगतान करना पड़ा है। जबकि इन नेताओं सहित अन्य नेता और अफसर भी अपने खेतों में मुफ्त बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। अरोड़ा ने हाईकोर्ट से मांग की है कि ऐसे अमीर किसानों जिनमें मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्री और पूर्व मंत्री, आई.ए.एस. और आई.पी.एस. भी शामिल हैं, उन्हें इस सबसिडी का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। यह सब्सिडी सिर्फ गरीब और जरूरतमंद किसानों को ही दी जानी चाहिए। इनको मिल रही सब्सिडी तत्काल प्रभाव से बंद की जानी चाहिए।

अरोड़ा ने कहा कि एक ओर सरकार अपने वित्तीय संकट का रोना रो रही है और अपने कर्मियों तक को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है। दूसरी ओर खुद मंत्री, नेता और बड़े-बड़े अधिकारी अपने खेतों में मुफ्त में बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं और यह राशि सरकार के खजाने से पी.एस.पी.सी.एल. को जारी की जा रही है। लिहाजा किसे सब्सिडी दी जाए और किसे नहीं सरकार पहले इसे तय करे। इस सब्सिडी से क्रीमी लेयर को बाहर करे और जरूरतमंदों को ही सब्सिडी दी जाए, इससे सरकारी खजाने को भी राहत मिलेगी।

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Web Title: Why the subsidy given to the rich farmers for tubewell is not being withdrawn

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