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चंडीगढ़: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की बदहाल स्थिति पर संज्ञान लेते हुए पंजाब पुलिस रिफार्म के लिए हाई पावर कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने इस कमेटी में गृह विभाग के प्रधान सचिव तथा डी.जी.पी. को शामिल करने की हिदायत दी और कमेटी को 3 माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

भवानी कॉटन मिल अबोहर में सन् 1991 में हुई फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में अपील पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि उस दौरान पुलिस वाले सुबह मिल पहुंच गए थे और फायरिंग शाम पौने चार बजे के करीब हुई थी। कोर्ट ने कहा कि पुलिस वालों को नियम के अनुसार 24 घंटे ड्यूटी पर रहना होता है और ऐसे में उसका जीवन तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से भर जाता है। विभिन्न कमीशन कई सिफारिशें कर चुके हैं लेकिन अभी तक इसे लागू करने के लिए सरकारों ने कोई कदम नहीं उठाए गए। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस में सबसे नीचे का पद कांस्टेबल का होता है और वह पूरी सर्विस के दौरान ज्यादा से ज्यादा हैड कांस्टेबल बन रिटायर हो जाता है।

उसे पूरी सर्विस अपने अफसरों के आदेशों का पालक बनकर ही करना होता है। पुलिस में समय पर प्रमोशन, इंRीमैंट व अन्य प्रकार के प्रोत्साहन उनकी कार्य क्षमता को बढ़ाएंगे। ऐसे में सुधार बहुत जरूरी हैं। पुलिस के काम का समय निर्धारित किया जाना चाहिए ताकि वह भी आम जीवन बिता सके। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस रिफार्म को लेकर कुछ सुझाव भी दिए। इसमें पुलिस को 2 भागों में बांटा जाना भी शामिल है। हाईकोर्ट ने सुझाया कि पुलिस को दो भाग में बांटना चाहिए, एक वह जो जांच करे और दूसरे वह जो कानून व्यवस्था को संभाले। ऐसे में दोनों ही अपने-अपने काम में दक्षता पा लेंगे। कोर्ट ने कहा कि पुलिस और नागरिकों के बीच बहुत बड़ा गैप है जिसमे तालमेल की जरूरत है।

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Web Title: Punjab government should set up high power committee for police reform: High court

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