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बटाला: करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान में चल रही द्विपक्षीय वार्ता रावी दरिया पर बनने वाले पुल को लेकर फिलहाल रूक गई है। सोमवार को भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की चौथी टैक्निकल कमेटी की बैठक भारत-पाक सीमा पर डेरा बाबा नानक के पास जीरो लाइन पर हुई थी। बैठक में रावी दरिया पर बनने वाले 800 मीटर लंबे पुल को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन दोनों पक्षों के अपने-अपने स्टैंड पर जमे रहने के कारण यह वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई, जिससे बातचीत के रूक जाने का संदेह पैदा हो गया है। 

भारतीय पक्ष के अधिकारी रावी दरिया पर 800 मीटर लंबा पुल बनवाना चाहते हैं, ताकि पुल से गुरुद्वारा तक आने-जाने के लिए ट्रैफिक सुचारू रूप से चलती रही, लेकिन पाकिस्तान के अधिकारी पुल बनवाने के पक्ष में नहीं हैं, वह पुल की जगह रावी दरिया में पत्थर डाल कर पक्का रास्ता (कॉजवे) बनाना चाहते हैं। पाकिस्तान का तर्क है कि मानसून के दौरान रावी दरिया के इलाके में बाढ़ जैसी स्थिती बन जाती है, यहां पुल बन जाने से बाढ़ के दौरान हालत और खराब हो सकते हैं। भारत की तरफ से गृह मंत्रलय के अधिकारी, नैशनल हाईवे आथारिटी ऑफ इंडीया, लैंड पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, बी.एस.एफ. और पंजाब सरकार के ड्रेनेज विभाग के अधिकारी शामिल थे।

पाकिस्तान के अधिकारियों की टीम में फंट्रियर वर्क्‍स ऑग्रेनाइजेशन (एफ.डब्ल्यू.ओ.) के अधिकारी शामिल थे। एफ.डब्ल्यू.ओ. पाकिस्तान मिलिट्री की इंजीनियरिंग ऑग्रेनाइजेशन है, जो पाकिस्तान में बड़ी परियोजनाओं का निर्माण करती है। सोमवार को दोनों पक्षों में करीब 2 घंटे बातचीत चली। इस दौरान बी.एस.एफ. और पाकिस्तानी रेंजर्स ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली हुई थी। सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान इस बात पर अड़ा हुआ है कि पुल की बजाए रावी दरिया में पत्थर से पक्का नदी पथ बनाया जाए क्योंकि पुल के बनने से उनके इलाके में बाढ़ ज्यादा नुक्सान कर सकती है। 

सूत्रों का मानना है कि अगर दोनों पक्षों में पुल को लेकर राजनयिक स्तर पर बात नहीं हुई, तो कॉरिडोर का निर्माण ठंडे बस्ते में जा सकता है। सोमवार की बैठक में तीर्थ यात्रियों के पासपोर्ट और वीजा को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई क्योंकि यह मुद्दे टैक्निकल कमेटी के अंतर्गत नहीं आते। बात करने पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जो कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का काम देख रहे हैं, ने उम्मीद जताते हुए कहा कि कॉरिडोर का निर्माण इस साल नवंबर तक गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव तक पूरा हो जाएगा। दोनों पक्षों की संयुक्त बैठकें इस परियोजना पर महत्वपूर्ण काम कर रही हैं। आशा है कि दरिया के पुल और कॉजवे को लेकर पैदा हुआ विवाद जल्दी खत्म हो जाएगा। 

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Web Title: Kartarpur Corridor: Bilateral talks stalled in Indo-Pak relations with bridge over river Ravi

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