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चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने पदोन्नति के बाद तीन डी.जी.पी. स्तर के अधिकारियों में से डी.जी.पी. हरप्रीत सिंह सिद्धू का मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव पद से तबादला कर उन्हें एक बार फिर एस.टी.एफ. की कमान सौंपी है। आई.पी.एस. प्रबोध कुमार स्पैशल डी.जी.पी. एंड डायरैक्टर ब्यूरो आफ इन्वैस्टिेगेशन नियुक्त किया है जबकि आई.पी.एस. रोहित चौधरी को स्पैशल डी.जी.पी. पालिसी एंड रुल्स और इकबाल सिंह सहोता को स्पैशल डी.जी.पी. आर्म बटालियन जालंधर नियुक्त किया गया है। 

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने राज्य में नशा खत्म करने के लिए एस.टी.एफ. का गठन किया और हरप्रीत सिद्धू को उसका मुखिया बनाया था लेकिन एस.टी.एफ. की नशे के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान पंजाब पुलिस के कुछ सीनियर अधिकारियों के साथ सिद्धू का विवाद हो गया था। यह विवाद तब सामने आया जब मोगा के पूर्व एस.एस.पी. राजजीत सिंह का नाम बर्खास्त इंस्पैक्टर इंद्रजीत के मामले में सामने आया।

सिद्धू चूंकि सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते थे, लिहाजा पहले दिन से ही उन्होंने तत्कालीन डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा और डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता के साथ तालमेल खत्म कर दिया और एस.टी.एफ. एक समानांतर शक्ति का केंद्र बन गया था। लिहाजा, मुख्यमंत्री ने विवाद को खत्म करने और पंजाब पुलिस के डेकोरम को ध्यान में रखते हुए सिद्धू को एस.टी.एफ. से हटा कर अपना स्पैशल प्रिंसिपल सैक्रेटरी नियुक्त किया था। 

पिछले कुछ महीनों से पंजाब में नशीले इंजैक्शन की वजह से आधा दर्जन से अधिक युवाओं की मौत के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह दबाव में थे और नशा खत्म करने के उनके वादे पर उंगलियां उठने लगी थी। इसे देखते हुए नशे के खिलाफ अभियान के लिए बनाई गई एस.टी.एफ. में हरप्रीत सिद्धू की फिर वापसी हो गई। 1992 बैच के आई.पी.एस. हरप्रीत सिद्धू को जब पहली बार एस.टी.एफ. की बागडोर सौंपी गई थी, तब वह सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करते थे, लेकिन सिद्धू की वापसी से जुड़े आदेशों में यह स्पष्ट नहीं हैं। 

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Web Title: Harpreet Sidhu's STF In return, Campaign against drug addicts will be fast

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