image

अबोहर: सरकारी अस्पताल में नवजात बालिका को गैर कानूनी तौर पर गोद देने का मामला सामने आया है। यह मामला आज एस.डी.एम. के ध्यान में लाया गया, जिसे तुरंत प्रभाव में एस.डी.एम. पूनम सिंह ने इसकी जांच के आदेश वहां मौजूद एम.ओ. डा. युधिष्टर चौधरी को दिए। 
मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों दुर्गानगरी निवासी एक महिला ने सिविल अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया, जिसे वह रखने की इच्छुक नहीं थी।

बताया जा रहा है कि यह उसकी चौथी संतान थी, जिसे पालने के लिए उसका परिवार असमर्थ था, इसी बीच उसका संपर्क सरकारी अस्पताल में मौजूद 3 आशा वर्करों से हुआ। जिनकी सहायता से उक्त बच्ची को गोद देने की योजना बनाई गई। उक्त आशा वर्करों ने पहले उक्त परिवार की खोज की, जिसे यह बच्ची गोद दे जा सके। उन्हें यह परिवार बठिंडा का मिला। उस उक्त परिवार से आशा वर्करों द्वारा संपर्क साधा गया और उक्त बच्ची को गोद देना तय हुआ।

उक्त नि:संतान परिवार को बच्ची की जरूरत थी। उन्हें सूचना मिलते ही वह परिवार अबोहर पहुंचा और उक्त महिला के परिवार ने उक्त बच्ची को 3 आशा वर्करों की मदद से गोद दे दिया गया। सूत्रों ने बताया कि उक्त बच्ची को गोद देने की आड़ में बठिंडा के परिवार द्वारा राशि भी अदा की गई है, जो आशा वर्करों और कन्या के परिवार को मिली। आज इसकी जानकारी एस.डी.एम. पूनम सिंह को तब मिली, जब वह सिविल अस्पताल में दौरे पर आई थी।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एस.डी.एम. ने इस पूरे मामले की जांच करने के आदेश एम.ओ. डा. युधिष्टर चौधरी को दिए। इससे सिविल अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और एस.एम.ओ. और युधिष्टर चौधरी ने जच्चा-बच्चा वार्ड से उक्त महिला की फाइल मंगवाकर इस मामले की जांच शुरू कर दी।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: aasha workers sold newborn daughter for the excuse of adoption

More News From punjab

Next Stories
image

free stats