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(जालंधर)- जालंधर छावनी की मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एम.ई.एस.) यूनिट में कार्यरत इलेक्ट्रीशियन राम कुमार क्या मकसूदां थाना ब्लास्ट की साजिश में भी शामिल था? पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इसकी पड़ताल कर रही हैं। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में उसे शुक्रवार को ब्यास के पास नाके पर गिरफ्तार किया गया। बताया जाता है कि यह गिरफ्तारी मकसूदां थाना ब्लास्ट केस में गिरफ्तार कश्मीर के अवंतीपुरा के आमिर नजीर से पूछताछ के बाद हुई है। नजीर ने आई.एस.आई. के जासूस के तौर पर रामकुमार का नाम लिया है। इसके बाद ही अमृतसर की स्पैशल ऑपरेशन सैल ने काऊंटर इंटैलीजैंस की मदद से उसे ब्यास से गिरफ्तार कर लिया।

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पहले रुपए भेजती थी, फिर मांगने लगी सेना से जुड़ी सूचनाएं

- रामकुमार ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि वह फेसबुक के जरिए एक आई.एस.आई. महिला एजेंट के संपर्क में आया था।

- पहले उसे कई बार हवाला और बैंक के माध्यम से लाखों रुपए भेजे गए, जिसके बाद वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने लगा।

- रामकुमार ने सेना की हलचल से संबंधित सूचनाएं, कई संवेदनशील दस्तावेज, संवेदनशील स्थानों की फोटो और नक्शे, रोजाना का ट्रेनिंग मैन्यूल और उससे संबंधी कई और जानकारियां दी थीं।

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व्हाट्सएप्प ग्रुप में थे 6 मैंबर, एडमिन है पाकिस्तानी

- रामकुमार के साथी राहुल कुमार, अमरीक सिंह व मोहम्मद आलम वासी फाजिल्का बार्डर एरिया में नजर रख रहे थे, जिन्हें हर काम के पैसे कैश में रामकुमार देता था।

- फोन में 6 लोगों का एक ग्रुप मिला, जिसमें कई जानकारियां मिली हैं। इनमें एक रामकुमार व उसके तीन साथी राहुल, अमरीक और मोहम्मद आलम थे बाकी दो पाकिस्तानी एजैंट जो जिस तरह की जानकारी मांगते थे उन्हें भेज दी जाती थी। ग्रुप एडमिन भी पाकिस्तानी है।


 

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Web Title: Honey Trap: Came In Contact With The Woman ISI Agent From Facebook

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