image

जालंधर: नगर निगम में हर रोज तीन लाख रुपए के डीजल इस्तेमाल को लेकर बीते दिनों डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत सिंह बंटी ने सवाल उठाए थे। उन्होंने निगम अफसरों से पूछा था कि आखिर कितनी गाड़ियों में तीन लाख रुपए का तेल रोज डाला जा रहा है। इस बात को आगे बढ़ाते हुए आर.टी.आई. के जरिए मांगी गई सूचना में खुलासा हुआ है कि बिजली से चलने वाले डिस्पोजलों पर भी जैनरेटर सैट में डीजल की खपत दिखाकर घालमेल किया जा रहा है। इसका खुलासा आर.टी.आई. एक्टीविस्ट सिमरन सिंह ने किया है। उन्होंने जांच विजीलैंस विभाग से करवाने का दावा किया है। साथ ही कहा है कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह और स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से की जाएगी। इसकी जांच होनी चाहिए और आरोपियों पर एक्शन होना चाहिए।

Read More  जालंधरः सड़क किनारे आईसक्रीम खा रहे कारोबारी को उड़ा ले गई कार

प्रैस क्लब में सोमवार को आर.टी.आई. एक्टीविस्ट ने कहा कि इन डिस्पोजलों पर बिजली कट तो दिखाए गए हैं, लेकिन लॉग बुक में बिजली कट का सही समय नहीं दिया गया है। लॉग बुक में कुछ जैनरेटर तो ऐसे हैं जो पूरे दिन में 15 घंटे भी चलते हैं। जबकि बता दें कि शहर में बिजली कट 15 घंटे का लगता ही नहीं है। जब कट नहीं लगते हैं तो फिर जैनरेटर चलाकर क्यों डिस्पोजल चलाया जा रहा है। इन डिस्पोजलों पर तो नगर निगम ने हॉटलाइन तार भी डाल रखी है जिससे बिजली वहां जाती ही नहीं है। जैनरेटर सैट को किसी एमरजैंसी में ही चलाने के लिए कहा गया है। 

Read More  58 साल बाद गुजरात में कांग्रेस की हुंकार, मोदी को घेरने के लिए हार्दिक थामेंगे 'हाथ'

उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में निगम के 11 डिस्पोजलों को बिजली पर चलाने के लिए जैनरेटर सैट लगा रखे हैं। सरकारकी तरफ से यहां पर हॉटलाइन की सुविधा भी मिली हुई हैं। लेकिन किसी समय अगर लाइट चली जाए तो डिस्पोजल का कामकाज न रुके, इसके लिए पावरकॉम ने हॉटलाइन लगा रखी है। इन्हीं डिस्पोजलों पर 40 से लेकर 180 किलोवाट तक जैनरेटर सैट लगे हुए हैं जिन्हें चलाने के लिए डीजल की खपत दिखाई गई है। लेकिन रिकॉर्ड में बिजली कितने घंटे बंद रही और मीटर की रीडिंग इस दौरान क्या रही, यह नहीं दिखाया गया।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: Diesel Scam in Jalandhar Municipal Corporation office

More News From punjab

free stats