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जालंधर : पंजाब में साइबर क्राइम का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे निपटने में पुलिस उतनी ही सुस्त नजर आ रही है। साइबर अपराध से निपटने के लिए सरकार बड़े-बड़े दावे तो करती है, पर जमीनी हकीकत इसके उलट है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो  के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में इंटरनैट के जरिए आर्थिक अपराधों में तेजी से बढ़ौतरी हो रही है। साइबर क्राइम के मामले में राज्य के सभी महानगर जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली व अमृतसर रिकार्ड तोड़ रहे हैं। देशभर में में साइबर क्राइम की बात करें तो पंजाब का नंबर 7वें पर आ रहा है। राज्य में बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह व डीजीपी दिनकर गुप्ता ने जनता को जागरूक रहने का सलाह दी है। यही नहीं इससे निपटने के लिए सरकार ने बजट में पुलिस विभाग में अलग से प्रकोष्ट बनाने का ऐलान भी किया है। 

प्रदेश में बैंक खातों से ठगी के जरिए रकम निकालने का डर इस कदर हो गया है कि लोग इंटरनैट बैकिंग की बजाय बैंक जाकर ही अपना लेन-देन करने में भलाई समझने लगे हैं। वहीं हाल में ही हुए एक प्रोग्राम के दौरान सी.एम. ने किसानों को भी साइबर ठगों से सावधान रहने को कहा था। सी.एम. का कहना था कि किसी को भी बैंक संबंधी कोई जानकारी मत देना, वरना खाता खाली हो जाएगा। वहीं, समय-समय पर पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान जरूर चलाया जा रहा है। मगर पुलिस ऐसे साइबर क्राइम पर नकेल कसने में अभी तक नाकाम रही है। कारण साफ है कि बैंक खातों से पैसे निकालने वाले ऐसे किसी भी गैंग को पुलिस अभी तक बेनकाब नहीं कर पाई है, जिससे साइबर अपराधियों में खौफ पैदा हो। पुलिस का कहना है कि सिर्फ सावधानी बरतने से ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है। मगर गांव के भोले-भाले लोग ऐसी बात समझ नहीं पाते और अधिकांश ऐसे लोग ही इन अपराधियों के हत्थे चढ़ जाते हैं। 

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक 2014-15 की तुलना में 2015-16 में राज्य में साइबर क्राइम में 36 फीसदी की बढ़ौतरी हुई है। वहीं, 2016-17 में यह 45 फीसदी तक बढ़ गई। ब्यूरो के पिछले साल के जारी आंकड़ों के मुताबिक पंजाब साइबर अपराध के आंकड़ों में सातवें नंबर पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले वह नौवें नंबर पर था। पहले नंबर पर मुंबई, दूसरे पर बैंगलोर व तीसरे पर राजस्थान का नंबर आता है। इसके बाद दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का नंबर आ रहा है। पुलिस के मुताबिक हर रोज तकरीबन 2 मामले राज्य में साइबर अपराध के दर्ज हो रहे हैं। वहीं, इन अपराधों से निपटने में पुलिस की तैयारियां नाकाफी साबित हो रही हैं। प्रदेश में दर्ज होने वाले साइबर अपराधों में कुछ ही मामलों में पुलिस अपराधियों तक पहुंच पा रही है। इसमें भी अपराधियों के सरगनाओं को पकड़ने में वह विफल हो रही है। साइबर ठगी के शिकार हुए जालंधर के उमेश कुमार का कहना है कि उनके खाते से ऐसे ही अपराधियों ने 40,000 रुपए निकलवा लिए थे। शिकायत के बावजूद अभी तक पुलिस साइबर अपराधी तक नहीं पहुंच पाई है। तमाम दस्तावेज व अन्य जानकारियां उन्होंने खुद ही जुटाई और शिकायत के बावजूद पुलिस ने एक बार भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 

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Web Title: cyber crime in punjab 

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