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जालंधर: 274 करोड़ रुपए के एलईडी प्रोजैक्ट में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पार्षद रोहन सहगल ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मंगलवार को पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है। वह पार्टी में सुनवाई न होने और वार्ड में सफाई न होने से दुखी हैं। रोहन सहगल ने अपना इस्तीफा ईमेल के जरिए स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, हलका कैंट के विधायक परगट सिंह और मेयर जगदीश राज राजा को भेज दिया है। उन्होंने इसका खुलासा मॉडल टाऊन में अपने कार्यालय में आयोजित प्रैसवार्ता में किया। 

पार्षद का आरोप है कि वह अपने वार्ड-27 के लोगों के साथ बहुत सारे वादे करके चुनाव जीते थे। लेकिन एक साल बाद भी उनके हाथ में एक सफाई सेवक तक नहीं है। 13 सफाई सेवक उनको अलॉट किए जाने की बात मेयर जगदीश राज राजा कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनके वार्ड में कभी इतने सफाई सेवक नहीं पहुंचे। उनके वार्ड में 19 मोहल्ले और 8 बड़ी मार्कीट हैं। उनके पास सफाई सेवक तीन-चार ही काम पर आते हैं। इन सभी जगह पर कूड़ा उठाने के लिए उनके पास एक भी रेहड़ा नहीं है। एक रेहड़ा किसी तरह अरेंज कराया भी, लेकिन पूरे वार्ड का कूड़ा इकट्ठा करते-करते उसे रात हो जाती है। सुपरवाइजर तो है ही नहीं। 
निगम की हैल्थ ब्रांच के अफसर डा. श्रीकृष्ण शर्मा और मेयर दावा कर रहे हैं कि उनको सुपरवाइजर दे दिया है। 

लेकिन दो महीने से कोई भी सुपरवाइजर उनके वार्ड में नहीं आ रहा है। साथ के वार्डो की भी हालत कुछ ऐसी ही है। सुपरवाइजर न होने से सफाई सेवकों की हाजिरी का ही पता नहीं चल पाता है। अभी तक उन्होंने एक साल में अपने पूरे सफाई सेवक ही नहीं देखे हैं। मेयर राजा और हैल्थ ब्रांच सभी वार्डो में सफाई सेवकों की अलॉटमैंट की लिस्ट भी हमें नहीं दे रहे हैं।सहगल ने कहा कि उनके वार्ड-27 में सीवरेज की भी समस्या बहुत विकराल है। ओएंडएम के अफसर सुनवाई नहीं कर रहे। सीवरेज की सफाई मशीन से होनी है, जो नहीं की जा रही। सहगल ने कहा कि उन्होंने इन सभी बातों से दुखी होकर अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है। रोहन ने कहा कि बहुत सारे पार्षद सफाई व्यवस्था न होने से दुखी हैं। उनकी भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 

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Web Title: Councilor Mohan Sehgal resigns

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