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चंडीगढ़: पंजाब मंत्रीमंडल की ओर से एक अहम फ़ैसले के अंतर्गत पंजाब गुड्ज़ एंड सर्विसज़ टैक्स (संशोधन) एक्ट 2017 में केंद्रीय जी.एस.टी. ऐक्ट की तर्ज पर उपयुक्त संशोधन करने के लिए ऑर्डीनैंस को मंज़ूरी दे गई है, जिससे राज्य में व्यापार समर्थकीय माहौल को और उपयुक्त बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता अधीन हुई कैबिनेट की मीटिंग के दौरान केंद्रीय वित्त बिल (नंबर -2), 2019 के द्वारा केंद्रीय जी.एस.टी. में संशोधन को राज्य के जी.एस.टी. एक्ट में भी यथावत लागू किया जा सके। पंजाब जी.एस.टी. एक्ट-2017 के सैक्शन 39, 44, 52, 53 ए और 101-ए की शब्दावली केंद्रीय जी.एस.टी. एक्ट के कुछ सैक्शनों से अलग रहेगी। इसके अलावा केंद्रीय जी.एस.टी. के सैक्शन 168 में तबदीली पंजाब जी.एस.टी. एक्ट-2017 में करने की ज़रूरत नहीं है।

काबिलेगौर है कि जी.एस.टी. कौंसिल द्वारा 21 जून, 2019 को हुई अपनी 35वीं मीटिंग के दौरान केंद्रीय जी.एस.टी. एक्ट 2017 में विभिन्न संशोधन करने की सिफ़ारिश की थी जिनको केंद्र सरकार द्वारा वित्त (नंबर 2) बिल, 2019 के द्वारा शामिल किया गया और राष्ट्रपति द्वारा पहली अगस्त, 2019 को इसे मंज़ूरी दी गई। केंद्रीय जी.एस.टी. में हुए बदलाव के कारण पंजाब जी.एस.टी. एक्ट 2017 में यह बदलाव करना लाजि़मी था जिससे कि करदाताओं के हितों की रक्षा के साथ-साथ व्यापार को और आसान बनाया जा सके।

पंजाब मंत्रीमंडल द्वारा स्वीकृत किये गए ऑर्डीनैंस के साथ सेवाएं देने वालों पर मिश्रित सप्लायरों को वैकल्पिक कम्पोजीशन योजना प्रदान की गई है (जो कि पहली कम्पोजीशन योजना के योग्य नहीं थे), जिनकी पिछले वित्तीय वर्ष में सालाना कारोबार 50 लाख तक था। इसके अलावा केवल वस्तुओं की सप्लाई में ही काम करने वाले सप्लायरों को ऊपरी छूट की सीमा भी 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए तक कर दी गई है।

इस संशोधन से पंजाब जी.एस.टी. कमिश्नर को सालना रिटर्नें जमा करवाने और रीकौंसीलेशन स्टेटमैंट दाखि़ल करने के लिए तय समय सीमा बढ़ाने के लिए भी अधिकृत किया गया है। इसके अलावा करदाताओं को इलैक्ट्रॉनिक तरीकों से एक हैड से दूसरे हैड में नकदी भेजने की सुविधा भी दी गई है।

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Web Title: Punjab Cabinet meeting

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