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चंडीगढ़ : पंजाब के वित्तीय हालत इस समय इतनी नाजुक हो गई है कि राज्य को पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड को सबसिडी देने में बहुत मुश्किल आ रही है। कार्पोरेशन को इस समय 800 करोड़ की सबसिडी देनी है लेकिन पूरे वित्तीय साल (2019 -2020) में कुल 14,972 करोड़ सबसिडी पीएसपीसीएल को देनी है। ऐसे हालत के चलते पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल 21 जून को केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण से मुलाकात करेंगे तथा पंजाब की वित्तीय हालत पर चर्चा करेंगे।

पंजाब के बहुत सारे मुद्दे केंद्र के पास निलंबित पड़े हैं और मनप्रीत चाहते हैं कि इनका जल्दी से जल्दी कोई हल निकाला जाए। सबसे बड़ा मुद्दा इस समय पंजाब के लिए फाइनैंशियल अदारों से उधार लेने का है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को आदेश दिया है कि वह साल में कुल उधार ली जाने वाली राशि को 12 बराबर किस्तों में लें। इस साल के लिए पंजाब ने 17,000 करोड़ रु पए उधार लेने हैं। यह राशि केंद्र ने पंजाब की जी.डी.पी. के आधार पर तह की है, पर केंद्र सरकार ने कहा है कि यह 17,000 करोड़ को 12 बराबर किस्तों में बांट के लिया जाए। इसका मतलब है कि हर माह 1420 करोड़ रुपए पंजाब हर साल वित्तीय संस्थानों से ले सकता है, लेकिन यह प्रतिबंध पंजाब को मंजूर नहीं है।

काबिले गौर है कि संविधान के अनुसार राज्य सरकारों को कर्ज लेने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति की जरूरत होती है। पहले यह अनुमति तिमाही दी जाती थी, लेकिन इस महीने से केंद्र सरकार ने इसे मासिक कर दिया है जिससे राज्यों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। वित्त मंत्री मनप्रीत बादल का कहना है कि कुछ महीने जब रैवेन्यू कम आता है, उन दिनों में सरकार को ज्यादा पैसे की जरूरत होती है, तब सरकार वित्तीय संस्थाओं से ज्यादा कर्ज लेती है जबकि कई बार इसकी जरूरत कम होती है। यह राज्य सरकार ने देखना होता है कि उसे कब कितना उधार चाहिए। मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि 21 जून की मीटिंग में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगे।

वह केंद्रीय वित्त मंत्री को कहेंगे कि राज्यों को कब कितना लोन चाहिए इसके निर्णय राज्य सरकार पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि हम अपनी सीमा के अंदर ही लोन लेते हैं। अगर कोई राज्य सारी राशि एक किश्त में लेना चाहता है तो इसकी भी छूट होनी चाहिए। मनप्रीत ने कहा कि राज्य सरकार ने पीएसपीसीएल  को सिब्सडी देनी है। अगर केंद्रीय वित्त मंत्री ने 21 जून वाली मीटिंग में उधार लेने पर लगाई गई पाबंदी में ढील दे दी तो जून में पीएसपीसीएल को 700 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया जाएगा। अगर, ढील न दी तो पी.एस.पी.सी.एल. को सबसिडी जुलाई में दी जाएगी। जिक्र योग्य है कि इस साल पंजाब सरकार ने 15,000 करोड़ रु पए से ज्यादा पी.एस.पी.सी.एल. को सब्सिडी के रूप में देने हैं। इनमें से पिछले साल का 5297 करोड़ रु पए की बकाया राशि भी है। अगर पंजाब सरकार कार्पोरेशन को समय-समय पर राशि का भुगतान नहीं करती, तो सरकार को इस पर ब्याज देना पड़ता है। पिछले साल सरकार ने सबसिडी समय पर नहीं दी जिसके चलते सरकार को 752 करोड़ रु पए अतिरिक्त तौर पर ब्याज के रूप में देने पड़े।

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Web Title: Manpreet meets Union Finance Minister Sitharaman on June 21

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