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चंडीगढ़ : पंजाब में 2014 में चार सांसद हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी 2019 तक आते-आते एक सीट पर सिमट गई जबकि उसके बाकी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। संगरूर से भगवंत मान ने कमबैक किया और एक लाख से अधिक वोटों से विजयी हुए। आप को इस चुनाव में 7.4 फीसदी वोट मिले जबकि 2014 में उसे 24.4 फीसदी वोट मिले थे। 2017 के विधानसभा चुनाव तक आप का वोट शेयर घट कर 23.72 फीसदी पहुंच गया।

पंजाब में तीन सीटों का नुक्सान उठाने वाली आम आदमी पार्टी का दिल्ली में पूरी तरह सफाया हो गया जबकि वहां केजरीवाल मुख्यमंत्री हैं। केजरीवाल सन् 2014 में अन्ना आंदोलन के दौरान कांग्रेस पर हाईकमान कल्चर का आरोप लगाते थे लेकिन आज उनकी पार्टी के ही नेता उन्हें हिटलर जैसा व्यवहार करने वाला नेता बताते हैं। आप में केजरीवाल ने खुद को सुप्रीम बनाया और पंजाब में मनमाने तरीके से अपने फैसले लागू करते रहे। सबसे पहले उन्होंने सांसद धर्मवीर गांधी और हरिंदर सिंह खालसा को सस्पैंड किया। इसके बाद 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे बड़े नेता सुच्च सिंह छोटेपुर को बाहर का रास्ता दिखाया और उन्हें अपमानित भी किया गया। 

ड्रग्स तस्करी मामले में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगने के बाद आप में मचा तूफान आज तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैहरा सहित कई विधायकों ने इस्तीफा दिया और यहां तक कि सांसद भगवंत मान भी केजरीवाल के फैसले से खुश नहीं थे। झंझावतों में उलझी आम आदमी पार्टी में बगावत के बाद सुखपाल खैहरा सहित 9 विधायकों ने खुद को पार्टी से अलग कर लिया। हालात से निपटने के लिए केजरीवाल ने मनीष सिसौदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया। सिसौदिया जब पंजाब पहुंचे तब तक आप का कॉडर छिन्न-भिन्न हो चुका था। इसके बाद विधायक एचएस फूलका भी इस्तीफा दे गए जबकि दो विधायकों ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का पल्ला थाम लिया। 

पंजाब में आप ने बसपा के साथ गठबंधन की रणनीति बनाई लेकिन देर हो चुकी थी क्योंकि यह काम सुखपाल खैहरा पहले ही कर चुके थे। बसपा ने खैहरा की अगुवाई वाले पंजाब डैमोक्रेटिक अलायंस के साथ समझौता कर अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए। आप के बठिंडा से बलजिंदर कौर, जालंधर से जस्टिस जोरा सिंह, पटियाला से नीना मित्तल, अमृतसर से कुलदीप धालीवाल, श्री आनंदपुर साहिब से नरिंदर शेरगिल, फतेहगढ़ साहिब से बनदीप सिंह दूलो की जमानत जब्त हो गई। इसी तरह फरीदकोट से मौजूदा सांसद प्रो. साधु सिंह, लुधियाना प्रो. तेजपाल सिंह, गुरदासपुर पीटर मसीह, होशियारपुर डा. रवजोत सिंह, फिरोजपुर हरजिंदर सिंह काका और खडूर साहिब से मनजिंदर सिंह सिद्धू बुरी तरह हारे।

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Web Title: lok sabha election result 2019 all candidates of aap lost security deposits

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