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चंडीगढ़ : लोकसभा चुनाव में पंजाब कांग्रेस और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोदी लहर को धता बताते हुए 13 लोकसभा हलकों में से 8 पर कब्जा कर उत्तर भारत में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। यहां अकाली-भाजपा गठबंधन को 4 और आम आदमी पार्टी एक सीट पर जीती। फिल्म अभिनेता सन्नी देओल के गुरदासपुर के चुनाव मैदान में उतरने से यह सीट बेहद हॉट थी और सन्नी ने पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ को शिकस्त दी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर पटियाला, शिअद प्रधान सुखबीर बादल फिरोजपुर, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल बठिंडा और ‘आप’ पंजाब प्रधान भगवंत मान संगरूर से दोबारा सांसद चुने गए। भाजपा ने यहां 3 सीटों गुरदासपुर, अमृतसर और होशियारपुर पर अपने दिगग्ज मैदान में उतारे थे। अमृतसर में पिछली बार की तरह इस बार भी मोदी मैजिक नहीं चला जबकि होशियारपुर में मोदी के नाम पर वोट लेकर सोम प्रकाश सफल रहे। गुरदासपुर में सन्नी देओल का स्टारडम चला जबकि अमृतसर में हरदीप पुरी अपनी ब्यूरोक्रेसी के अनुभव का फायदा नहीं उठा सके। यहां से भाजपा को हार का पहले ही अंदेशा था लिहाजा प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने अमृतसर में कोई रैली नहीं की। 

अकाली दल ने 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे लेकिन परिणामों के आने के बाद यह साफ हो गया कि इस चुनाव में बादल जीते जरूर लेकिन उनका अकाली दल बुरी तरह हार गया। 10 में से सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिली है। फिरोजपुर से सुखबीर बादल जबकि बठिंडा से हरसिमरत बादल ने जीत हासिल की। अन्य 8 सीटों पर अकाली उम्मीदवार पार्टी की रणनीति और संगठन के प्रबंधन की कमी के चलते बुरी तरह हारे। प्रधानमंत्री मोदी की बठिंडा रैली का प्रभाव आसपास की फरीदकोट और संगरूर जैसी सीटों पर नहीं पड़ा। 

इस लोकसभा चुनाव में समूचे देश में राष्ट्रवाद, बालाकोट, पुलवामा और पाकिस्तान बड़ा मुद्दा बना लेकिन आश्चर्य की बात है कि पाकिस्तान की सीमा से लगते पंजाब में यह सभी मुद्दे हवा हो गए। पंजाब में 84 दंगे एक पारम्परिक मुद्दा है और अकाली-भाजपा गठबंधन ने इस पर फोकस किया। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह भी इससे अछूते नहीं रहे लेकिन 84 दंगों की काट के रूप में कांग्रेस ने बेअदबी और गोलीकांड पर फोकस किया और इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन पर ताबड़तोड़ हमले किए। कांग्रेस ने अपनी 2 साल की सरकार की उपलब्धियों, बेअदबी, गोलीकांड और मोदी सरकार की विफलताओं को मुद्दा बनाया और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह जनता के जहन में यह मुद्दे बसाने में पूरी तरह कामयाब रहे। 

सन् 2014 के लोकसभा चुनाव में पंजाब से 4 सांसद हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी को इस बार सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा। संगरूर से भगवंत मान ने जीत हासिल की। ‘आप’ के कमजोर प्रदर्शन के पीछे पार्टी में बगावत और टूट बड़ा कारण बना जिससे ‘आप’ का कॉडर बंट गया।

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Web Title: lok sabha election 2019 results

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