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चंडीगढ़: पंजाब में विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने पंजाबी यूनिवर्सिटी (पटियाला) के अध्यापकों-प्रोफेसरों की चुनावों में ड्यूटी लगाने का विरोध किया है और इस संबंधी राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिख कर मांग की है कि पटियाला जिला प्रशासन का यह फैसला वापस करवाया जाये।

आम आदमी पार्टी के आज यहां जारी बयान में चीमा ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग की संवैधानिक ड्यूटी है कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके के साथ करवाए जाएं, परंतु पंजाबी यूनिवर्सिटी के टीचिंग स्टाफ को चुनाव में ड्यूटी देना इस लिए ठीक नहीं कि यूनिवर्सिटी के नियमों-कानूनों ने टीचिंग स्टाफ को किसी भी राजनीतिक सक्रियता में हिस्सा लेने, राजनीतिक दलों की सदस्यता और पद लेने, यहां तक कि खुद चुनाव लड़ने की आजादी दी हुई है, जिस कारण यूनिवर्सिटी के बहुत से टीचर सीधे तौर पर विभिन्न पार्टियों के साथ जुड़े हुए हैं।

चीमा ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि जो व्यक्ति जिस पार्टी के लिए सक्रिय होगा, उससे व्यक्ति से निष्पक्ष चुनाव ड्यूटी की उम्मीद नहीं की जा सकती।चीमा ने कहा कि सरकार के इस फैसले के पीछे गहरी साजिश नजर आ रही है, जबकि इस से पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ। चीमा ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने टीचिंग स्टाफ को खुद चुनाव लड़ने या किसी भी पार्टी या उम्मीदवार का खुल कर समर्थन करने का जो अधिकार दिया हुआ है, पटियाला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी टीचिंग स्टाफ को चुनाव ड्यूटियों पर तैनात कर टीचिंग स्टाफ के इस अधिकार का भी उल्लंघन किया है। 
 

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Web Title: Harpal Singh Cheema statement on Election duty of Teaching staff

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