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चंडीगढ़: बेअदबी मामले में बहबलकलां में फायरिंग के आरोपी तत्कालीन एसएसपी चरणजीत सिंह को भी एक बार आई.जी. परमराज सिंह उमरानंगल की तरह ही हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ किसी भी अन्य मामले में कार्रवाई या गिरफ्तारी किए जाने से पहले 7 दिन का पूर्व नोटिस दिए जाने के आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन बाद में पंजाब सरकार की कड़ी आपत्ति के बाद हाईकोर्ट ने अपने यह अंतरिम आदेश वापस लेते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

दरअसल शुक्रवार को चरणजीत शर्मा की याचिका लिस्ट पर नहीं थी। इसे सुबह ही फिक्स्ड टुडे करवा सुनवाई पर लाया गया। दोपहर बाद चरणजीत शर्मा को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दे दिए कि उसके खिलाफ अन्य किसी भी मामले में कार्रवाई या गिरफ्तार किए जाने से पहले 7 दिन का नोटिस देना होगा। इस आदेश के जारी किए जाने के एक घंटे के भीतर ही पंजाब की एडिशनल एडवोकेट जनरल रमिजा हकीम ने जस्टिस रामेन्द्र जैन की कोर्ट में पहुंच दोबारा इस मामले में तत्काल सुनवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने मामले में सरकार का पक्ष सुने बिना ही चरणजीत शर्मा को राहत दे दी है। ठीक इसी तरह वीरवार को भी हाईकोर्ट ने बिना पंजाब सरकार का पक्ष सुने ही आई.जी. परमराज उमरानंगल को राहत दे दी थी, जोकि सही नहीं है। 

रमिजा हकीम ने कहा कि याचिकाकत्र्ता चरणजीत शर्मा पहले ही एक मामले में हिरासत में है। यह बेहद ही महत्वपूर्ण और गंभीर मामला है, जिसमें आरोपी को कोई राहत दिए जाने से पहले सरकार का पक्ष सुना जाना बेहद ही जरूरी है। जस्टिस रामेन्द्र जैन ने सरकार की मांग को स्वीकार करते हुए पहले के जारी आदेशों को वापस ले लिया और चरणजीत शर्मा की याचिका पर पंजाब सरकार को 28 मार्च के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।  

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Web Title: Former SSP Charanjit Singh

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