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चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी ने आज कैप्टन अमरेन्द्र सिंह सरकार से बादल सरकार के समय 3 प्राइवेट बिजली कंपनियों के साथ किए इकरारनामों को तुरंत रद्द कर पंजाब के लोगों को बेहद महंगी बिजली दरों से राहत दिलाने की मांग उठाई है। आज यहां पंजाब विधानसभा परिसर के मीडिया लाउंज में बातचीत में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा और विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि बादलों की ओर से तीनों ही निजी बिजली कंपनियों के साथ किए गए समझौते राज्य के लोगों की जेबों पर 70,000 करोड़ रुपए का सीधा डाका है। यही कारण है कि पंजाब आज देश के सब से महंगी बिजली देने वाले राज्य में शुमार है, जबकि पंजाब खुद भी बिजली पैदा करता है। दूसरी तरफ दिल्ली की केजरीवाल सरकार आज देश भर में सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य है, जबकि दिल्ली सरकार खुद एक भी यूनिट पैदा नहीं करती।

सारी की सारी बिजली निजी कंपनियों से खरीदती है। अमन अरोड़ा ने बताया कि दिल्ली सरकार 200 यूनिट तक 2 रुपए की प्रति यूनिट सब्सिडी देकर खपतकार को 1 रुपए प्रति यूनिट और 400 यूनिट तक 2.25 पैसों की सब्सिडी दे कर सवा दो रुपए प्रति यूनिट बिजली दे रही है। अमन अरोड़ा ने बताया कि बंद किए गए बठिंडा थर्मल प्लांट पर तुरंत पहले नवीनीकरण के नाम पर 737 करोड़ खर्च किए गए हैं और अगले 12-13 साल बठिंडा थर्मल प्लांट ने 4.76 पैसे प्रति यूनिट बिजली पैदा करते रहना था, जबकि प्राईवेट जीबीके थर्मल प्लांट से बादलों ने 5.60 रुपए प्रति यूनिट का इकरारनामा किया। अमन अरोड़ा ने परचेज एग्रीमैंटस की कापियां दिखाते हुए बताया कि इकरारनामे इतने ज्यादा लोक और पंजाब विरोधी हैं कि यदि पंजाब सरकार एक यूनिट भी इन थर्मल प्लांटों से नहीं खरीदेगी तो भी हर महीने फिक्स चाíजज देने पड़ते हैं, जो तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के साथ 1.20 रुपए, राजपुरा के साथ 1.53 रुपए और गोइंदवाल थर्मल प्लांट के साथ 1.93 रुपए निर्धारित हैं।

दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने ही गुजरात के शासन थर्मल प्लांट के साथ प्रति यूनिट 17 पैसों का एग्रीमैंट किया हुआ है। अमन अरोड़ा ने तुलनात्मिक अध्ययन के द्वारा बताया कि शासन थर्मल प्लांट और पंजाब के तीनों ही थर्मल प्लांटों के साथ किए इकरारनामे के अंतर्गत प्रति साल 2800 करोड़ रुपए का फालतू बोझ बिजली खप्तकारों पर पड़ रहा है जो 25 सालों के समझौते के साथ 70,000 करोड़ रुपए की सीधी लूट है। हरपाल सिंह चीमा और अमन अरोड़ा ने कहा कि इस लूट में बिजली कंपनियों के साथ बादल हिस्सेदार हैं। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह, सुनील जाखड़ समेत सभी कांग्रेसी चुनाव से पहले बादलों के इन बिजली इकरारनामे को रद्द करके नए सिरे से करने के दावे करते थे, परंतु 2 साल दौरान कुछ नहीं किया।  

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Web Title: Electricity companies have looted Rs 70,000 crore: AAP

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