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चंडीगढ़ः पंजाब के उच्च शिक्षा एवं भाषा मंत्री तृप्त राजिन्दर बाजवा ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जेईई प्रवेश परीक्षा (मुख्य) पंजाबी भाषा में भी लिये जाने की मांग की है। बाजवा ने केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरिआल निशंक को आज लिखे एक पत्र में कहा कि यह प्रवेश परीक्षा शुरु में अंग्रेज़ी, हिंदी और गुजराती भाषाओं में ली जाती थी लेकिन विभिन्न राज्यों की सरकारों की माँग पर मंत्रालय ने फैसला किया कि यह 2021 से यह प्रवेश परीक्षा असमी, बंगाली, तामिल, कन्नड़, उर्दू, मराठी, उड़ीया और तेलुगु भाषाओं में भी ली जायेगी । बड़े ही अफसोस की बात है कि पंजाबी भाषा को इस सूची में न शामिल करके पंजाबी भाषा के साथ भेदभाव किया गया है।

बाजवा ने कहा कि जे.ई.ई. (मुख्य) दाख़िला टैस्ट देश का वह प्रतिष्ठित टैस्ट है जिसके द्वारा देश के प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों और आई.आई.टी. संस्थाओं में इंजीनियरिंग और आर्कीटैक्चरल के दाख़िले किये जाते हैं। पहले यह टैस्ट सैंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी ऐजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) द्वारा लिया जाता था लेकिन अब यह टैस्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एन.टी.ए.) द्वारा लिया जाता है।

बाजवा ने कहा कि यदि पंजाबी भाषा को इस टैस्ट की भाषाओं की सूची में न डाला गया तो पंजाब के सैंकड़ों छात्र प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाख़िला लेने से वंचित रह जाएंगे। इसके बिना राज्य के छात्रों को मजबूरन अंग्रेज़ी या हिंदी माध्यम में पढना पड़ेगा जो पंजाबी भाषा के विकास के रास्ते में बहुत बड़ा रोड़ा सिद्ध होगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि पंजाबी भाषा को जे.ई.ई. (मुख्य) दाख़िला टैस्ट की भाषाओं की सूची में जोडने के लिए तुरंत अपेक्षित कार्यवाही की जाये जिससे पंजाबी को भी अपनी उचित जगह मिल सके। 
 

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Web Title: Demand for JEE test to be conducted in Punjabi also

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