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चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न शहरों में बिना नक्शा पास कराए निर्मित व्यवसायिक भवन मालिकों को बड़ी राहत प्रदान करते हुये अब इन्हें मात्र कुछ शुल्क की अदायगी पर नियमित करने का फैसला लिया है। राज्य की मंत्रिपरिषद की हाल ही में हुई बैठक में राज्य के पालिका क्षेत्रों को पांच वर्गों में विभाजित कर ऐसे भवनों को नियमित करने के लिये दरें निर्धारित की गई है। सरकार ने यही नहीं, पुनर्वास कालोनियों में रिहायशी क्षेत्र से व्यवसायिक क्षेत्र में बदलाव की दर में भी 50 प्रतिशत की कटौती की है। राज्य की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने आज यहां यह जानकारी देते हुये बताया कि शहरी क्षेत्रों में नियमों की अवहेलना अथवा जागरुकता के अभाव में अलग-अलग क्षेत्रों में निर्मित हजारों भवनों के मालिकों को कोई राहत प्रदान करने के लिये कोई नीति नहीं बनाई लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐसे लोगों की परेशानी समझते हुए शहरों में अवैध व्यवसायिक निर्माण नियमित नीति को जून 2018 में मंजूर कर लिया था। इस प्रक्रिया में ऐसे निर्माणों को एक बार में नियमित किए जाने की नीति के तहत सरकार ने कैबिनेट बैठक में दरों को मंजूरी प्रदान कर दी है। 

जैन ने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम में ऐसे नियमतिकरण की दर प्रति वर्ग मीटर 7662 रुपए, फरीदाबाद में 6896 रुपए प्रति वर्ग मीटर तथा अन्य नगर निगमों में 6090 रुपए प्रति वर्ग मीटर, प्रदेश की सभी नगर परिषद क्षेत्रों में 5304 रुपए प्रति वर्ग मीटर तथा प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं में 4658 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत 500 वर्ग गज तक के भवन मालिक आवेदन कर सकेंगे। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्थापित पुनर्वास कालोनियां जैसे कि मॉडल टाउन तथा वर्ष 1980 से पूर्व टाऊन प्लानिंग स्कीम और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के लिए वर्ष 2016 में रिहायशी सम्पत्ति के व्यवसायिक में बदलाव की नीति मंजूर करते हुए दर निर्धारित की गई थी।

सरकार ने इसमें भी 50 प्रतिशत की कमी की है। अब नगर निगम गुरुग्राम में यह दर 15,324 रुपए के वजाय 7662 रुपए प्रति वर्ग मीटर तथा पंचकूला, सोनीपत, अम्बाला, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार और  यमुनानगर नगर निगमों में यह दर 12180 रुपए के वजाय 6090 रुपए प्रति वर्ग मीटर, सभी नगर परिषद क्षेत्रों में 10608 रुपए के वजाय 5304 रुपए प्रति वर्ग मीटर तथा सभी नगर पालिकाओं में 9316 रुपए की जगह 4658 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है। यह लाभ पुनर्वास कालोनियों के निवासियों को वर्ष 2016 की नीति में मंजूर दर में 50 प्रतिशत कटौती का भी लाभ मिलेगा। जैन ने बताया कि यह नियमतिकरण नीति एकबारगी होगी तथा प्रशासन भविष्य में ऐसे निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिये पूरी सख्ती बरतेगा। उन्होंने कहा कि विभाग वीडियो सर्वेक्षण भी कराएगा ताकि भविष्य में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाते हुए हरियाणा बिल्डिंग कोड का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
 

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Web Title: Commercial buildings will be built without any map

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