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तीन तलाक की लड़ाई अभी खत्म होते नहीं दिख रही है।  केंद्रीय कैबिनेट ने गुरूवार को ही एक बार में तीन तलाक को अपराध घोषित किए जाने से संबंधित अध्यादेश को फिर से जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी। जानकारी के अनुसार बता दें कि इससे पहले जारी अध्यादेश की अवधि 22 जनवरी को खत्म हो रही है। बता दें कि पहला अध्यादेश पिछले साल सितंबर में जारी किया गया था। पहले बिल को कानून का रूप प्रदान करने के लिए एक विधेयक राज्यसभा में लंबित है। जहां विपक्ष इसे पारित किए जाने का विरोध कर रहा है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार आगामी लोकसभा चुनाव से पहले तीन तलाक बिल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम उपलब्ध‍ि के तौर पर पेश करना चाहती है। 

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बिल राज्यसभा में अटकने के बाद सरकार के पास इस विधेयक को जिंदा रखने के लिए अध्यादेश लाने के सिवाय दूसरा विकल्प नहीं था। संसद का सत्र केंद्र की मोदी सरकार के लिए अंतिम सत्र था। संसद के शीतकालीन सत्र के 12वें दिन यानी 31 दिसंबर को राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा होनी थी, लेकिन हंगामे की वजह से यह विधेयक सदन में पेश ही नहीं किया जा सका। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग पर अड़ गए जिसके बाद हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में वोटिंग के बाद यह विधेयक पारित हो चुका है।
 

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Web Title: Will then release 3 divorce ordinances, cabinet approves proposal

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