image

लता मंगेशकर जिन्हें भारत की स्वर कोकिला के रुप में देखा जाता है। इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर आज भी लोगों के दिलों में राज करती हैं। लोग जब भी उनके गाए हुए गानों को सुनते हैं तो गानों के बोल में ही खो जाते हैं। लता जी ने पहली बार स्टेज पर गाना गाया था। जहां उनको गाने के लिए 25 रुपये दिए गए। जिसे लता जी हमेशा अपनी पहली कमाई के रुप में देखती हैं। लेकिन लता जी के जीवन में एक ऐसा पल भी आया जब उन्होंने मौत को बेहद करीब से देखा। शायद ही किसी को पता हो कि लता जी को जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। 

भारत की मशहूर गायकों में से एक लता मंगेशकर के साथ साल 1962 में हुई घटना के कारण वो तीन महीनें तक गाना नहीं गा पाई थी। उस समय अगर सही इलाज नहीं होता, तो लता जी की जिंदगी को खतरा हो सकता था। इस घटना का जिक्र लता जी के बेहद करीबी रहीं लेखिका पद्मा सचदेव की किताब में किया गया है। किताब में लिखी कहानी के अनुसार लता जी एक दिन सुबह जब सो कर उठी तब उन्हें पेट में दर्द की शिकायत हुई। जिसके बाद उनकी हालत गंभीर होती गई। यहां तक की लता जी को लगातार उल्टियां होने लगी। वो ठीक ढंग से बैठ भी नहीं पा रहीं थी। जिसे देखते हुए लता जी के इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया गया। उनका इलाज शुरु कर दिया गया।   

लेकिन लता जी की हालत को सुधरने में करीब तीन महीनों का समय लग गया। इस घटना के चलते लता जी बहुत कमजोर हो चुकी थी। जिसके कारण वो तीन महीनों तक कोई गाना भी नहीं गा पाई थी। हालत में सुधार देखने के बाद लता जी को डॉक्टर ने बताया कि उन्हें धीमा जहर दिया गया था। कहा जाता है कि जिस दिन लता जी को उल्टियां हुईं, उसी दिन उनके घर में खाना बनाने वाला कुक नौकरी छोड़कर भाग गया। बाद में पता चला कि उस रसोइए ने कई फिल्मकारों के साथ काम किया था। जिसके बाद लता जी की छोटी बहन उषा मंगेशकर ने घर की रसोई का काम संभाल लिया और लताजी के खानपान से जुड़ी हर बात पर उन्होंने नज़र रखनी शुरू कर दी।
 

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: When 33 years old lata mangeshkar was given poison to kill

More News From life-style

Advertisement
Advertisement
free stats