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जालंधर : जालंधर के एस.एस.पी. देहात गुरप्रीत सिंह भुल्लर का बुधवार शाम तबादला ए.आई.जी. सी.आई. पंजाब में होने के बाद उनके स्थान पर तेजतर्रार पी.पी.एस. अधिकारी नवजोत सिंह माहल को एस.एस.पी. की कुर्सी सौंपी गई है। पिछले साल कट्टरपंथियों ने पंजाब में आतंक की जड़ों को मज़बूत करने की मंशा से पंजाब भर में 8 हंिदूू नेताओं की हत्या कर दहशत फैलाई थी मगर इस तेजतर्रार अधिकारी ने खन्ना से कट्टरपंथियों से हिंदू नेताओं की सुपारी लेने वाले गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया था। 
एस.एस.पी. देहात नवजोत सिंह माहल ने ‘दैनिक सवेरा’ के साथ बात करते हुए बताया कि जालंधर उनके लिए नया नहीं है उन्हें लगता है कि उनकी घर वापसी हुई है। उन्होंने यह बात मज़ाकिया लहज़े में कही। वहीं उन्होंने बताया कि संभवत: शुक्रवार को वह विधिवत ढंग से एस.एस.पी. की सीट पर विराजमान हो जाएंगे। पहली बात तो वह किसी तारीफ के मोहताज नहीं हैं। जालंधर से उनका पुराना नाता रहा है। वह जालंधर में ए.सी.पी. नॉर्थ, ए.सी.पी. क्राइम, ए.डी.सी.पी. क्राइम, ए.डी.सी.पी. हैटक्वार्टर तथा डी.सी.पी. जालंधर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि जालंधर उनके लिए नया नहीं है। क्राइम पॉकेट उन्हें पता है। इसके अलावा वह नशे को लेकर सरकार की ड्राइव पर लगातार काम कर रहे हैं। ड्यूटी संभालने के बाद ही उनका पहला लक्ष्य यही होगा कि सबसे पहले अपने अधिकारियों के साथ मीटिंग कर नशा तस्करों का खाका तैयार करने के आदेश दिए जाएंगे। उसके बाद तस्करों के शिकार युवाओं को बाहर निकाल उनका सरकार की तरफ से फ्री इलाज करवाने के लिए उन्हें व उनके परिवारों को राजी करना है।
 वहीं जुलाई 2016 को आर.एस.एस. शाखा प्रमुख जगदीश गगनेजा सहित पंजाब भर में 8 हंिदूू नेताओं की हत्याएं कर पंजाब में दहशत का पर्याय बने कट्टरपंथियों ने हंिदूू नेताओं की सुपारी देकर हत्याएं करवाई थीं। इस मामले को नवंबर 2017 को ट्रेस करने में पी.पी.एस. नवजोत सिंह माहल ने अहम भूमिका निभाई थी। 

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Web Title: waalak mahalbye bhullar


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