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प्रति माह शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी व्रत कहते हैं। यह चतुर्थी भगवान श्रीगणेश को समर्पित है। इस दिन श्रीगणेश का पूजन-अर्चन करना लाभदायी माना गया है। इस दिन गणेश की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-दौलत, आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ ज्ञान एवं बुद्धि की प्राप्ति भी होती है। विनायक चतुर्थी पर आज शाम एेसे करें पूजा-

+ नहा-धो कर लाल रंग के वस्त्र धारण करें।

+ पूजन के समय अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार सोने, चांदी, पीतल, तांबा, मिट्टी अथवा सोने या चांदी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करें।
 
+ संकल्प के बाद षोडशोपचार पूजन कर श्री गणेश की आरती करें।
 
+ तत्पश्चात श्री गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर चढ़ाएं।
 
+ अब गणेश का प्रिय मंत्र- 'ॐ गं गणपतयै नम:' बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं।

+ श्री गणेश को बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्‍डुओं का ब्राह्मण को दान दें तथा 5 लड्‍डू श्री गणेश के चरणों में रखकर बाकी को प्रसाद स्वरूप बांट दें।

+ ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा दें। 
 
+ गणेश चतुर्थी कथा, श्रद्धानुसार गणेश स्तुति, श्री गणेश सहस्रनामावली, गणेश चालीसा, गणेश पुराण आदि का स्तवन करें। संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश की आरती करें तथा 'ॐ गणेशाय नम:' मंत्र की माला जपें।

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Web Title: Vinayak Chaturthi: Do this in the evening, worship of Ganapati ji, all your sorrows will be ended

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