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शिमलाः हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के भारत बंद का मिलाजुला असर रहा। शिमला सहित बड़े शहरों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे तथा प्राइवेट बसें नहीं चलीं जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी संस्थानों को छोड़कर, स्कूल ,कार्यालय, बैंक और राज्य ट्रांसपोर्ट बंद रहे। दुकानें तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान, होटल भी बंद रहे। डीजल पैट्रोल के आसमान छूते दामों के विरोध में कोई प्राइवेट बस नहीं चली।

हिमाचल रोडवेज की सभी बसें खचाखच भरी होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पिछले सप्ताह बैंक यूनियनों की हड़ताल के कारण बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थान खुले रहे। प्राइवेट बसें बंद रहने के बावजूद रोडवेज अतिरिक्त बसें मुहैया नहीं करा सका।

अब तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है। वामपंथी यूनियनें , मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तथा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर केंद्र की मोदी सरकार पर हमले किये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुये कहा कि आवश्यक सेवाओं तथा एंबुलेंस आदि को बंद से बाहर रखा है ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।

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Web Title: The impact of the closure of Opposition parties in Himachal Pradesh

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