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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ताजमहल की बिगड़ती स्थिति को लेकर जमकर फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि या तो ताजमहल को संरक्षण दो या बंद कर दो और अगर ये सब नहीं हो रहा था तो ताजमहल को ध्वस्त कर दो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते है, जबकि ताजमहल के लिए केवल मिलियन। आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है। हमारा ताज ज्यादा खूबसूरत है और आप इसे देखने के लिए आने वाले टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है। ये देश का नुकसान है, ताजमहल को लेकर घोर उदासीनता है।

9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ASI को  फटकार लगाई थी। ताजमहल के रंग बदलने को लेकर ASI ने काई और गंदी जुराबों को जिम्मेदार ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 1996 में पहली बार ताजमहल को लेकर आदेश जारी किया लेकिन 22 साल बाद भी कुछ नहीं हुआ। ASI ने कहा कि ताजमहल पर काई उड़कर जमा हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने ASI को फटकार लगते हुए पूछा कि ताजमहल को काई व कीड़ा-मकोड़े (इंसेक्ट) कैसे नुकसान पहुंचा सकते है. कोर्ट ने कहा कि ASI समझना नहीं चाहता कि ताजमहल में समस्या है? कोर्ट ने कहा कि क्या काई के पास पंख होते है जो उड़कर ताज़महल पर जा कर बैठ जाती है। कोर्ट ने ASI को कहा कि इसका मतलब है कि उनके पास पंख है जिससे वो उड़ कर चले जाते है। ASI ने कहा कि लोग जो जुराब पहनकर आते हैं वो भी कई बार गंदी होती हैं कि फर्श खराब होते है। ASG तुषार ने कहा कि विदेशों में कई जगहों पर डिस्पोजेबल जुराबें दी जाती हैं।

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Web Title: suprime court rebuked centre on taj said protect or demolish

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