मंगलवार को लखनऊ में श्रीकृष्ण वाहिनी के कार्यक्रम में समर्थकों की भीड़ देखकर शिवपाल के हौसले बुलंद और भी हो गए हैं। जिसके चलते उन्होंने अब सीधे अखिलेश यादव से टक्कर लेने का ऐलान कर दिया है। कार्यक्रम में जुटे नेताओं ने कहा कि अगले चुनाव में बता दिया जाएगा कि यूपी का नौजवान अखिलेश के साथ नहीं बल्कि शिवपाल यादव के साथ हैं। शिवपाल सिंह यादव ने धर्मयुद्ध करार देते हुए कहा कि जीत सत्य की होती है। उन्होंने समाजवादी अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना तंज कसते हुए महाभारत और रामायण का जिक्र किया। शिवपाल ने इशारों ही इशारों में अखिलेश यादव की तुलना कौरवों से कर दी। उन्होंने कहा कि पांडवों ने कौरवों से पांच गांव मांगा था। मैंने तो सिर्फ सम्मान मांगा था।

इस दौरान शिवपाल का दर्द भी छलका। उन्होंने कहा कि वे समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के साथ आगे बढ़ेंगे। लंबे इंतजार के बाद यह कदम उठाया। अब कदम पीछे नहीं खीचेंगे। शिवपाल इससे पहले भी कह चुके हैं कि 2019 के चुनाव में प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही समाजवादी सेकुलर मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करेंगे। इतना ही नहीं सूबे के सभी 75 जिलों के अध्यक्ष की नियुक्ति भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सत्ता पाकर कभी अभिमान नहीं आना चाहिए। मैंने तो कभी कोई पद नहीं मांगा। पार्टी में नेताजी के साथ तमाम उतार चढाव आए, लेकिन हमने मिलकर संभाला।

शिवपाल ने कहा कि मेरा नौकरी में अपॉइंटमेंट हो गया था लेकिन आना तो राजनीति में ही था। अपने बचपन की बातें याद कर शिवपाल ने कहा कि मैं बहुत छोटा था, तब साइकिल में पैर भी नहीं आते थे, साइकिल मिल जाती थी तो लगता था बहुत बड़ी गाड़ी मिल गई। शिवपाल ने कहा, 'नेता जी के कहने पर राजनीति में आया। नहीं तो खेती करता, नौकरी करता, सालों साल साइकिल चलाता था। चुनाव में महीनों साइकिल चलाया। मैं पैदल स्कूल जाता था। नेता जी और अपने कपड़े धोता था। 

कभी पद नहीं मांगा। 1980 में टिकट मिलता तो जीत जाता। टिकट 1996 में मिला जब नेता जी दिल्ली गए। आगे उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बिना मेहनत ही सबकुछ मिल जाता है।समय ऐसा आया कि हम कुछ कर नहीं सकते थे। शिवपाल ने कहा कि उन्होंने नेता जी (मुलायम सिंह यादव) से पूछ कर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन किया है। यह एक धर्मयुद्ध है, जिसमें जीत धर्म और सत्य की होगी। ये लड़ाई समाजिक परिवर्तन और न्याय की है। एेसा कहते हुए सिवपाल ने अखिलेश पर तंज कसा है। 

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Web Title: Striking at Shivpal's crowd of supporters

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