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  चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 12 सितम्बर को रूस के व्लादिवोस्तोक में जापानी प्रधानमंत्री शिन्जो आबे से मुलाकात की।  उन्होंने सर्वप्रथम कुछ दिन पहले जापान में आए तूफ़ान और भूकंप में होने वाली जान-माल की क्षति के प्रति संवेदना व्यक्त की।

  शी चिनफिंग ने कहा कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में जटिल और गहरा परिवर्तन आ रहा है, अनिश्चित और अस्थाई तत्व बढ़ रहे हैं। प्रमुख वैश्विक आर्थिक समुदाय और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय देशों के रूप में चीन और जापान को समान उत्तरदायित्व उठाते हुए वैश्विक और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बनाए रखने के लिए रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। इस वर्ष चीन-जापान मित्रवत संधि पर हस्ताक्षर किए जाने की 40वीं वर्षगांठ है। इधर के समय में प्रधानमंत्री आबे और जापान की सरकार ने चीन के प्रति संबंध में सक्रिय रूख दिखाया। दोनों पक्षों के समान प्रयास से चीन-जापान संबंध सामान्य रास्ते पर वापस लौट आया है और द्विपक्षीय संबंध में सुधार और विकास करने का महत्वपूर्ण मौका सामने आया है। नई परिस्थिति में हमें एक ही दिशा में आगे बढ़ते हुए सुधार के रूझान को बरकरार रखते हुए चीन-जापान संबंध को स्थिर रूप से आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि इस में नए विकास प्राप्त हो सके।   

शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि चीन और जापान को हमेशा से दोनों के बीच संपन्न चार राजनीतिक दस्तावेज़ों का पालन करते हुए राजनीतिक आधार को सुदृढ़ बनाना चाहिए, सही रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। रचनात्मक तौर पर मतभेदों का नियंत्रण और प्रबंधन करना चाहिए। खास कर जापान को इतिहास और थाईवान जैसे संवेदनशील मुद्दों का अच्छी तरह निपटारा करना चाहिए, ताकि बेहतरीन वातावरण तैयार होकर समान हितों का लगातार विस्तार किया जा सके।

  आबे ने कहा कि लम्बे समय तक जापान चीन में सुधार और खुलेपन की प्रक्रिया में भाग लेता है। चीन के विकास से जापान पर सक्रिय और महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। अब दोनों देशों का संबंध सामान्य रास्ते पर वापस लौट आया है, द्विपक्षीय सहयोग का दायरा और विस्तृत होगा। जापान को आशा है कि चीन के साथ ज्यादा घनिष्ठ संबंध स्थापित करेगा, ताकि समान विकास और समृद्धि साकार हो सके। जापान चीन के साथ उच्च स्तरीय आवाजाही को मजबूत करने, अधिक सहयोग के फल प्राप्त करने और जापान-चीन संबंध में सुधार और उसके विकास को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास करना चाहता है। इसके साथ ही जापान दोनों देशों के बीच गैर-सरकारी मैत्री को मजबूत करना और संवेदनशील मुद्दों का अच्छी तरह निपटारा करना चाहता है। इतिहास और थाईवान के मामले पर जापान दोनों देशों क बीच संपन्न राजनीतिक दस्तावेज़ों में निश्चित रूख पर डटा रहता है, इसमें कोई परिवर्तन नहीं आया है। जापान अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका पर महत्व देता है और आशा करता है कि क्षेत्रीय शांति व स्थिरता से संबंधित अहम मुद्दों को लेकर चीन के साथ संपर्क और समन्वय मजबूत करेगा।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

 

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Web Title: Shi Xinfing met Japanese Prime Minister Shinzo

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