image

झुंझुनूंः राजस्थान के झुंझुनूं जिले में संचालित केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) के युवा वैज्ञानिकों ने रोशनी के पर्व दीपावली को वायु तथा ध्वनि प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ई-पटाखे तैयार कर रहे है। ये ई-पटाखे अगली दिवाली या अन्य किसी कार्यक्रम पर बिना कोई तेज शोर और धुआं किये रोशनी बिखेरेगें।

केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के निर्देश के बाद सीरी पिलानी के युवा वैज्ञानिकों ने इस तकनीक को अपनाया है जो अब अंतिम चरण में हैं। उच्चत्तम न्यायालय के निर्देश और केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से हुए विचार विमर्श के बाद सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए सीरी पिलानी ने यह बीड़ा उठाया है और तीन अलग-अलग तरह के पटाखे ई-लड़ी, ई-चरखी और ई-अनार को तैयार किया गया है। संस्थान के निदेशक प्रो. शांतनु चौधरी ने बताया कि ये पटाखे इलेक्ट्रोनिक खिलौने जैसे है जो आतिशबाजी को धुआं और तेज आवाज से मुक्त कर देंगे।

ई-पटाखे तैयार करने वाले युवा वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने शुरुआती तौर पर यह तीन तरह के पटाखे बना दिए है। अब उन्हें इंतजार है कि कोई इंडस्ट्री और निवेशक इसमें आगे आए। जिसके बाद अगली दिवाली तक वे इन ई-पटाखों को मार्केट में ला सके। उन्होंने कहा कि इन पटाखों से वायु प्रदूषण नहीं होगा वहीं ध्वनि प्रदूषण को भी नियंत्रण किया गया है।

उन्होंने बताया कि इन पटाखों की कीमती तीन सौ रुपए से ज्यादा नहीं होगी। साथ ही खास बात यह है कि एक बार खरीदा गया ई-पटाखा आगामी दस सालों तक काम में लिया जा सकेगा। साथ ही इस दौरान होने वाले घर में अन्य खुशी के मौके पर भी ये ई- पटाखे काम आ सकेंगे।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: Scientists are preparing such firecrackers, even winning will not be polluted

More News From national

Advertisement
Advertisement
free stats