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लुधियाना : पंजाब सरकार कह रही है कि उसके सख्त रवैये ने चिट्टे के कारोबारियों के ‘चक्रव्यूह’ को तोड़ डाला है। डिस्ट्रिक्ट या स्टेट हैडक्वार्टर में बैठकर यह दावा करना आसान है लेकिन ग्राऊंड जीरो पर हकीकत वो है, जो खुद नशा करने वालों ने सोमवार को बयां की और उसके गवाह बने खुद चिट्टे पर कंट्रोल का दावा करने वाली कांग्रेस के ही सांसद रवनीत सिंह बिट्टू। सलेमपुर, कुल गहना, मुदारपुरा समेत अन्य गांवों में नशे के शिकार लोगों ने कहा कि उन्हें चिट्टा खरीदने कहीं दूर नहीं जाना पड़ता, बल्कि अपने गांव में ही आसानी से चिट्टे की डिलीवरी हो जाती है। कुछ गांव में तो घरों में ही चिट्टा मिल जाता है। नशे की इतनी आसानी से उपलब्धता भी उन्हें इसे छोड़ने नहीं दे रही है। उनका यह भी कहना है कि पुलिस नशे के कारोबारियों की बजाय नशा करने वालों को ही पकड़ती है। इस दौरान सांसद बिट्टू ने नशे से ग्रस्त युवकों को समझाया। इस सब का फेसबुक पर लाइव टेलिकास्ट भी किया गया। बिट्टू ने कहा कि मेरा एेसा करके प्रचार पाने का तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रचार नहीं चाहिए।

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एक ही परिवार के 6 मैंबरों को लग गया चिट्टा

सलेमपुर में एक पूरा परिवार ही चिट्टे की लत लगा बैठा है। बेबस मां के तीनों बेटे, दोनों बेटियां, वहू चिट्टे के आदी हो चुके हैं। वह चिट्टा खरीदकर लाते हैं और फिर उसे पानी में घोलकर बारी-बारी सभी इंजेक्शन लगा लेते हैं। इस परिवार में एक साल पहले सबसे पहले नशे की लत 22 वर्षीय युवक को लगी थी, लेकिन धीरे-धीरे उसके बड़ा व छोटा भाई, बड़ी व छोटी बहनें व पत्नी भी चिट्टे की लत लगा बैठे। मां बताती है कि पूरा परिवार चिट्टा लेने लग गया था। ये सब लोग एक तरफ थे, दूसरी तरफ मैं अकेली थी। ऐसे में वह रोकती भी थी, लेकिन उसकी कोई सुनता नहीं था।

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‘या तां मेरा नशा छुड़ा देओ या मैनूं गोली मार देओ’

सलेमपुर गांव में जब बिट्टू दौरा कर रहे थे तो एक युवक आकर बुरी तरह से रोने बिलखने लग गया। उसने बिट्टू को कहा कि ‘या तां मेरा नशा छुड़ा देओ या मैनूं गोली मार देओ।’ बाद में पता चला कि यह नजदीकी गांव कुल गहनां का युवक था। उसने बताया कि वह छह साल से चिट्टा ले रहा है। कई बार पत्नी को तंग करके भी उससे पैसे छीनकर ले गया लेकिन अब उससे सहा नहीं जाता है। उसने छह महीने फिरोजपुर में अपने ससुरालियों के पास रहकर नशा छोड़ने का इलाज कराया और नशा छोड़ भी दिया, लेकिन जब गांव लौटा तो वहां आसानी से उपलब्ध नशे को देखकर उसका मन फिर से ललचा गया,और अब वह फिर से चिट्टा लेने लग गया है। उसे देख-देखकर 18 साल का छोटा भाई भी चिट्टा लेने लग गया।

2 महीने पहले शादी, एक महीना पहले लगी चिट्ट की लत, अब पुलिस मार रही रेड

जब बिट्टू मुदारपुरा गांव में नशे के शिकार लोगों से मिल रहे थे तो उस दौरान 2 महिलाएं एक युवक को लेकर आईं। इन महिलाओं में से एक उस युवक की पत्नी और एक मां थी। वह बिट्टू के सामने अपनी दुखभरी दास्तां सुनाते हुए खूब बिलखीं। युवक ने बताया कि उसकी दो महीने पहले ही शादी हुई थी। एक महीना पहले उसे चिट्टे की लत लग गई। गांव का ही एक व्यक्ति लंबे समय से चिट्टा बेचता था लेकिन पुलिस उसे कभी कुछ नहीं कहती थी। हाल ही में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अब पुलिस उससे खरीदारों के नाम पता कर चुकी है, जिसमें वह भी शामिल है। अब पुलिस बार-बार उसके घर पर रेड मार रही है कि वह भी नशा बेचता है।

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सरकारी डी-एडिक्शन सैंटर हुआ फुल, प्राइवेट में भर्ती कराए 17 युवक

सांसद बिट्टू ने खुद गांवों में जाकर नशा छोड़ने के इच्छुक युवकों से संपर्क साधकर उन्हें नशा छोड़ने के लिए राजी किया, लेकिन बिट्टू के लिए मुसीबत यह खड़ी हो गई कि वह उन्हें भर्ती कहां कराए। रविवार को बिट्टू ने 9 मरीज सिविल अस्पताल के डी-एडिक्शन सैंटर में भर्ती कराए थे, जिसके बाद उस बैड का डी-एडिक्शन सैंटर फुल हो चुका है। लिहाजा, बिट्टू ने सवद्दी कलां से पांच, मुदारपुरा से चार व सलेमपुर से 8 युवकों को नशामुक्ति के लिए मुल्लांपुर के प्राइवेट डी-एडिक्शन सैंटर में भर्ती कराया। बिट्टू ने कहा कि यहां इन युवकों को इलाज के लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।

 

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Web Title: punjab congress mp ravneet singh bittu counsels drug addicts

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