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लुधियाना: ड्रग्स से पंजाब के नौजवानों की सिलसिलेवार मौतों का गंभीर मुद्दा रास्ता भटककर ‘डोप टैस्ट’ पर आकर अटक गया है। जिस दिन से कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने सरकारी कर्मियों का डोप टैस्ट लाजिमी करने की घोषणा की है, उस दिन से सांसदों-विधायकों में खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए डोप टैस्ट कराने की होड़ लग गई है। लुधियाना से कांग्रेसी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के बाद शनिवार को आम आदमी पार्टी के हलका दाखा से विधायक एडवोकेट एच.एस. फूलका डोप टैस्ट कराने सिविल अस्पताल पहुंचे। उनकी रिपोर्ट नैगेटिव आई है। हालांकि फूलका ने कहा कि यह रिपोर्ट स्वभाविक ही थी क्योंकि उन्होंने दूसरे नशे तो दूर की बात है, जिंदगी में कभी शराब तक का नशा नहीं किया है। 

उधर, अभी तक सांसदों-विधायकों के डोप टैस्ट की ही बात चल रही थी लेकिन फूलका ने शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों का भी डोप टैस्ट कराने की नई मांग कर रख दी है। उन्होंने कहा कि एस.जी.पी.सी. के नियमों में दर्ज है कि उसके मैंबर्स नशे का सेवन नहीं करेंगे, इसलिए श्री अकाल तख्त के जत्थेदार, एस.जी.पी.सी. मैंबर्स को भी डोप टैस्ट कराने का आदेश दें। फूलका ने कहा कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने सरकारी कर्मियों का डोप टैस्ट कराने की बात कही है। सभी सांसदों, विधायकों व पार्षदों को भी अपना डोप टैस्ट कराना चाहिए क्योंकि वह भी तो वेतन लेते हैं। फूलका से भगवंत मान के डोप टैस्ट के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों व सांसदों को अपना डोप टैस्ट करवाना चाहिए। 

कांग्रेस, अकाली उम्मीदवार से की एकजुट होने की बात 
फूलका ने ड्रग्स के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एक-दूसरे की नुक्ताचीनी करने की बजाय इकट्ठे होने की सलाह देते हुए कहा कि पंजाब में कभी 12 मिसलें हुआ करती थी, जो आपस में लड़ती रहती थी लेकिन जब अहमद शाह अब्दाली या नादरशाह आते थे तो उनके खिलाफ सभी इकट्ठे हो जाया करते थे। नशे के मुद्दे पर पंजाब भी राजनेताओं से ऐसे व्यवहार की ही उम्मीद है। फूलका ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर अपने हलके के कांग्रेसी व अकाली उम्मीदवार से खुद बात की है। 

सी.सी.टी.वी. की निगरानी में हो डोप टैस्टिंग
फूलका ने डोप टैस्ट में हेरा-फेरी का अंदेशा जताते हुए सेहत मंत्री ब्रrा मोहंिद्रूा से मांग की है कि डोप टैस्ट की पूरी प्रक्रिया सी.सी.टी.वी. की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डोप टैस्ट के आवेदक की पूरी तलाशी लेकर जेबें तक खाली कराई जानी चाहिए ताकि वह अपनी बजाय कोई दूसरा सैंपल न दे दे। सैंपल की टैस्टिंग की प्रक्रिया को भी सी.सी.टी.वी. निगरानी में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डोप टैस्ट कराने वालों में बड़े-बड़े लोग शामिल हैं, इसलिए इसमें हेरा-फेरी का खतरा खत्म करने के लिए पारदर्शी तरीके से स्टैंडर्ड ऑप्रेटिंग प्रोसीजर अपनाया जाना चाहिए। 

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Web Title: now aap mla hs fools done dope test


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