image

7 लाख रुपये के ईनाम वाले कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी का बागपत जेल में गोली मार कत्ल कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक इस वारदात को सुबह 6.30 बजे अंजाम दिया गया था। सोमवार को उसकी पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी जिसके लिए उसे रविवार को झांसी से बागपत लाया गया था। लेकिन कोर्ट में पेश होने से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई। इससे पहले मुन्ना की पत्नी ने 29 जून को मीडिया में बोला था कि उसके पति को जान का खतरा है। मुन्ना पर मर्डर व लूट समेत करीब 40 गंभीर मामले दर्ज है।

आखिर कौन था मुन्ना:

मुन्ना बजरंगी का वास्तिवक नाम प्रेम प्रकाश था। मुन्ना बजरंगी का जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुआ था। उसने केवल कक्षा पांच तक की पढ़ाई पूरी की उसके बाद वह दूसरे रास्ते पर आगे बढ़ता चला गया। 17  साल की उम्र में ही उसने क्राइम की दुनियां में अपना नाम कर लिया था। प्रेम प्रकाश जब 17 साल का तब उसके विरुद्ध पुलिस ने पहला मामला दर्ज किया था जो गैरकानूनी हथियार रखने का था।

17 साल की उम्र में किया पहला कत्ल:

साल 1984 में प्रेम प्रकाश ने पहली बार कत्ल कर क्राइम की दुनियां में अपना खाता खोल लिया था। 1984 में एक लूट की वारदात की अंजाम देने के दौरान उसने एक व्यापारी का मर्डर कर दिया। जिसके बाद से वो जौनपुर के लोकप्रिय माफिया गजराज का बेहद खास हो गया था।
गजराज सिंह के कहने पर ही उसने भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की भी हत्या कर दी। उस हत्याकांड के बाद पूर्वांचल में हर कोई मुन्ना बजरंगी के नाम से खौफ खाने लगा।

कृष्णानंद राय की हत्या:

90 के दशक में पूर्वांचल में सरकारी ठेका व गैरकानूनी वसूली के कारोबार पर मुख्तार अंसारी का एकछत्र राज था। उसी दौरान भाजपा विधायक कृष्णानंद राय तेजी से उभरने लगे थे। मुख्तार अंसारी के लिए कृष्णानंद राय बाधा बनने लगे थे। ऐसे में मुन्ना बजरंगी ने मुख्तार अंसारी के कहने पर कृष्णानंद राय की हत्या कर दी थी। कृष्णानंद राय अपने 6 लोगों के साथ लखनऊ हाइवे से गुजर रहे थे। मुन्ना बजरंगी व उसके लोगों ने करीब 400 राउंड फायरिंग किये, सभी के बॉडी से करीब 60-80 गोलियां निकाली गई थी। कृष्णानंद राय उस समय गाजीपुर से भाजपा विधायक थे।

एनकाउंटर से बचने के लिए करवाई गिरफ्तारी:

यूपी, बिहार में जब उसका रहना कठिन हो गया तो वह भागकर मुंबई चला गया। 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने उसे मुंबई के मलाड से अरैस्ट किया था। ऐसा भी बोला जाता है कि उसने एनकाउंटर से बचने के लिए खुद की गिरफ्तारी करवाई थी। यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बोला कि इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
मुन्ना बजरंगी के जेल में कत्ल होने के बाद कारागार प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार जेल के अंदर हथियार पहुंचा कैसे?

Read News: एक बार मौत के मुंह से निकल कर यमराज को चकमा दे गया था मुन्ना बजरंगी

चार ऑफिसर सस्पेंड:

ताजा मिली जानकारी के मुताबिक बागपत जिला कारागार के जेलर, डिप्टी जेलर समेत चार जेलकर्मी सस्पेंड कर दिए गए हैं। मौके पर डॉग स्क्वॉड की टीम पहुंच चुकी है। मेरठ जोन के एडीजी ने मीडिया से बात करते हुए बोला कि फिलहाल इस मामले में कारागार प्रशासन की नाकामी व मिलीभगत साफ नजर आ रही है। हांलाकि ये जांच का विषय बना हुआ है।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: journey form prem prakash to munna bajrangi

free stats