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अनुसंधानकत्र्ताओं ने एक ऐसी प्रक्रिया खोजी है जो यह पता लगाने में मदद करेगी कि कैंसर के किसी म रीज पर इम्यूनोथैरेपी का असर होगा या नहीं। एक अध्ययन में यह यह जानकारी दी गई है। आमतौर पर प्रतिरक्षी तंत्र ट्यूमर की पहचान खतरा पैदा करने वाले तत्वों के तौर पर कर लेता है।

इसके बाद प्रतिरक्षी कोशिकाएं (टी कोशिकाएं) ऐसे तत्वों को खोज कर खत्म करती हैं। बहरहाल, ट्यूमर कोशिकाएं पीडी- एल 1 नामक प्रोटीन का प्रयोग के जरिए टी कोशिकाओं को भ्रमित कर उन्हें काम नहीं करने देतीं और उनसे बच निकलती हैं। पी.डी.- एल-1 ट्यूमर कोशिकाओं को बचाने के लिए पी.डी.-1 नामक आणविक अवरोध सक्रिय कर टी कोशिकाओं को रोकता है। 

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Web Title: how to remove tumors detects antibody cells


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