image

नई दिल्लीः पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के दो साल पूरे होने के मौके पर बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा और कहा कि अर्थव्यवस्था की तबाहीे वाले इस कदम का असर अब स्पष्ट हो चुका है तथा इससे देश का हर व्यक्ति प्रभावित हुआ।

Today marks the 2nd anniversary of the ill-fated&ill-thought demonetisation exercise that the Narendra Modi govt undertook in 2016. The havoc that it unleashed on Indian economy & society is now evident to everyone: Former PM Manmohan Singh (File pic) pic.twitter.com/yP1bO0XsqA

— ANI (@ANI) November 8, 2018

Notebandi impacted every single person,regardless of age,gender,religion,occupation or creed. It's often said that time is a great healer. But unfortunately,in case of demonetisation, the scars&wounds of demonetisation are only getting more visible with time: Former PM (File pic) pic.twitter.com/QXrVkNSO3e

— ANI (@ANI) November 8, 2018

मनमोहन सिंह ने एक बयान में भी कहा कि मोदी सरकार को अब ऐसा कोई आर्थिक कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे अर्थव्यवस्था के संदर्भ में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो।उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में त्रुटिपूर्ण ढंग से और सही तरीके से विचार किये बिना नोटबंदी का कदम उठाया था। आज उसके दो साल पूरे हो गए। भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज के साथ की गई इस तबाही का असर अब सभी के सामने स्पष्ट है। मनमोहन सिंह  ने कहा, नोटबंदी से हर व्यक्ति प्रभावित हुआ, चाहे वह किसी भी उम्र का हो, किसी लैंगिक समूह का हो, किसी धर्म का हो, किसी पेशे का हो। हर किसी पर इसका असर पडा।  उन्होंने कहा कि देश के मझोले और छोटे कारोबार अब भी नोटबंदी की मार से उबर नहीं पाए हैं।

Read More  जब दिवाली मनाने में मशगूल थे लोग, तब तड़प-तड़प कर निकल रही थी 10 गायों की जान

Read More  देखिए प्रियंका की Bachelorette Party में ईशा अंबानी-परिणीति का हाॅट अंदाज

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की जिसके तहत, उन दिनों चल रहे 500 रुपये और एक हजार रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: Former PM manmohan singh statement on 2 years of demonetisation

More News From national

Advertisement
Advertisement
free stats