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लुधियाना: देहात एरिया के क्षेत्रों में नशे की लत लगाकर बैठे नौजवानों का इलाज करने का जिम्मा चाहे खुद सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने उठा लिया है, परंतु नशा छुड़ाओं केन्द्र के डाक्टरों से सहयोग न मिलने से कांग्रेसी सांसद अपनी ही सरकार में काफी परेशान हैं। बुधवार को मुल्लांपुर के गांव रकबा में बने नशा छुड़ाओ केन्द्र का दौरा करने पहुंचे सांसद ने मीडिया के सामने उन चारों नौजवानों को पेश किया, जिन्हें उन्होंने तीन दिन पहले ही लुधियाना के सिविल अस्पताल में नशा छुड़वाने के लिए भर्ती करवाया था। सांसद ने प्रैसवार्ता में ही साफ कर दिया कि लुधियाना में सिविल अस्पताल के एक डाक्टर ने इलाज न होने की बात कहकर वहां से 9 नौजवानों को भगाया है, जिस पर कारवाई के लिए उन्होंने पंजाब के सेहत मंत्री सें भी बात की है। सांसद का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले सिविल अस्पताल लुधियाना के डाक्टर विवेक गोयल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रकबा में नशा छुड़ाओं केन्द्र में भर्ती 34 मरीजों में 14 मरीज एच.आई.वी. पॉजीटिव और 5 को काला पीलिया की पुष्टि को भी सांसद ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि सभी नौजवानों का इलाज केन्द्र सरकार की ओर से चलाई जा रही मुफ्त स्कीमों के तहत करवाया जाएगा। पंजाब में आए दिन हो रही नौजवानों की मौतों के लिए अकाली-सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सांसद ने कहा कि पिछले दस वर्ष अकाली-भाजपा सरकार ने पंजाब में चिट्टे का पूरी तरह से छिड़काव किया है, जिसे खत्म करने में अब थोड़ा समय तो लगेगा ही। उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब में चिट्टे की सप्लाई चेन को पुलिस ने पूरी तरह से तबाह कर दिया है, जिसके चलते नौजवान अब चिट्टा न मिलने से मर रहे हैं। बता दें कि सांसद ने तीन दिन पहले देहात एरिया के अपने दौरे दौरान कुल 9 नौजवानों लुधियाना के ड्रग डी-एडिक्शन सैंटर भेजा था, जिसमें मुल्लांपुर दाखा के पांच व जांगपुर के चार नौजवान थे। इन नौजवानों को डाक्टर ने बिना इलाज दिए अस्पताल से भगा दिया था। बुधवार को उन्हें गांव रकबा में गुरु नानक अस्पताल में बने नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल करवाया गया है।

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Web Title: doctors with the youth who got admitted in the drug addicts did so


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