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पूरे उत्तर भारत में मॉनसून ने दस्तक दे दी है। कई जगहों पर भारी बारिश के कारण जलभराव देखने को मिला है। हालांकि बारिश से लोगों को राहत मिल रही है, लेकिन पीएम मोदी के संसदीयक क्षेत्र वाराणसी में बारिश होने के बाद भी वहां पर पानी की कमी नहीं घटी है। क्योंकि वहां पर पेयजल की आपूर्ति को लेकर खतरा अब भी बरकरार है। 

बताया जा रहा है कि गंगा के गिरते जल स्तर से काशी में पेयजल का संकट गहरा गया है। जिसकी वजह से पेयजल की आपूर्ती में कटौती कर दी गई है। गंगा के किनारे के मोहल्लों, पक्का महाल, बंगाली टोला, दशाश्वमेध घाट, भदैनी में हालत ज्यादा खराब है। जल कल विभाग के महाप्रबंधक बी बी सिंह का कहना है कि गंगा का जलस्तर दो सौ फीट तक रहने पर पेयजल की आपूर्ती सामान्य रहती है। लेकिन मौजूदा जलस्तर 187 फीट पर आ गया है, जो अब तक के न्यूनतम स्तर से दो फीट कम है। पिछले वर्ष जून माह में गंगा का जलस्तर 189 फीट था। वाराणसी मे हालात को देखते हुए राज्य में जलकल  विभाग ने वाटर अलर्ट घोषित कर दिया है। जिसके अनुसार, गंगा में जलस्तर सामान्य से कम होने के कारण भदैनी वाटर पंपिंग स्ठेशन से जल की निकासी कम कर दी गई है।

आपको बता दें यहां पर दो कुओं में पांच पंप लगे हैं। इनमें से एक बड़े कुए में लगे पंप से आपूर्ती रूक गई है। जलकल विभाग का कहना है कि जल स्तर कम होने की वजह से इस पंप के नीचे से गंदगी आ रही थी जिसरी वजह से सप्लाई रोकी गई है। वहीं दूसरे कुएं में चार पंप लगे हैं जिसमें से दो पंपों से ही आपूर्ति की जा रही है।
 

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Web Title: depleting water level in ganga

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