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गाजियाबाद: वैशाली सैक्टर एक के भूखंड संख्या 1/32 के एम.पी. गिरि दुविधा में है। गिरी की दुविधा ये है कि नगर निगम के टैक्स का पैमेंट चार अगस्त को आन लाइन किया। उनके बैंक खाते से पैसे की कटौती भी हो गई, लेकिन रसीद का दूर तक भी अता पता नहीं है। गिरि की माने तो निगम के अधिकारी भले ही लाख दावे करें कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद गाजियाबाद नगर निगम आधुनिक हुआ है, लेकिन निगम की साइट पूरी तरह से चौपट है। वजह निगम में कोई भी देखने वाला नहीं है।

हालांकि जोन प्रभारी सुनील राय का दावा है कि रसीद जोन कार्यालय से हासिल की जा सकती है। हो सकता है कि साइट में कुछ तकनीकी व्यवधान हो। गिरी ने बताया कि उनके द्वारा निगम का मैसेज प्राप्त होने के साथ टैक्स के तौर पर 3746 रुपए की रकम का भुगतान भारतीय र्जिव बैंक के खाते से ऑनलाइन किया गया था। उनके खाते से रकम भी कट गई, हैरत का पहलू ये है कि अभी तक रसीद का पता नहीं है। स्थानीय पार्षद को भी स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन समझ ये नहीं आ रहा है कि रसीद के लिए कहा जाए।  

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Web Title: Delhi: Online tax payment, But Not recived receipt

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