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चंडीगढ़: नशे की ओवरडोज के कारण हुई मौत के मामले में पुलिस ने नशा सप्लाई करने वाले युवक समेत तीन के खिलाफ जिला अदालत में चालान दायर कर दिया है। पुलिस ने करीब 2 साल बाद कोर्ट में चालान दायर कर मामलें में 17 गवाह बनाए हैं। 1 अगस्त 2016 के दर्ज मामलें के अनुसार सैक्टर-44 की रहने वाली विजय लक्ष्मी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अपने दो बेटों के साथ सैक्टर-44 में रहती थी। उसका बड़ा बेटा नीरज प्राइवेट काम करता था। जबकि उसका छोटा बेटा अजय शर्मा उसके साथ सैक्टर-22 में खिलौने की दुकान में काम करता है। घटना वाले दिन अजय घर में कहकर गया था कि वह नवदीप व दिशांत के साथ पार्क में घूमने के लिए जा रहा है। लेकिन उस दिन वह घर वापस नहीं लौटा।

पहले वह उसे खोजते रहे लेकिन वह कही भी नहीं मिला, अगले दिन नवदीप उनके घर में अखबार लेकर आया। उन्होंने नवदीप से अजय के बारे में पूछा तो नवदीप ने उन्हें बताया कि उन्होंने उसे पार्क में छोड़ दिया था उसके बाद सब अपने घरों को चले गए थे। इतने में अजय की माता ने शोर मचाया तो आस पड़ोस के लोग उनके घर में आ गए। जब नवदीप से दबाव देकर पूछा गया तो उसने बताया कि वह अजय और दिशांत सैक्टर-21ए में आ गए थे। वहां पर उन्हें सागर नाम का युवक मिला। अजय शर्मा ने सागर से कुछ नशीले इंजेक्शन लिए, उसके बाद उसने नशीला इंजेक्शन लगा लिया। 

जब वह इंजेक्शन लगाकर आया तो उसके पैर लड़खड़ा रहे थे। जिसके बाद वह तीनों अजय को सैक्टर-21 स्थित एक कोठी के बाहर छोड़कर अपने घर चले गए थे। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। अजय शर्मा की बॉडी सेक्टर-16 अस्पताल की मॉर्चरी में थी। जिसकी पहचान उसकी माता विजय लक्ष्मी ने की थी। पुलिस ने विजय लक्ष्मी के बयानों पर आईपीसी की धारा-304 व 34 के तहत नवदीप, दिशांत व सागर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 

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Web Title: death from overdose in chandigarh

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