Advertisement
image

शिमला : हिमाचल में द ग्रेट खली शो को लेकर संशय बरकरार है। बेशक जयराम सरकार तय कार्यक्रम के अनुसार ही द ग्रेट खली शो अर्थात डब्ल्यूडब्ल्यूई करवाने की कोशिश में है, मगर एक ओर इसमें मौसम का मिजाज भारी पड़ता दिख रहा है, तो दूसरी ओर शैड्यूल गेम न होने की वजह से सरकार के समक्ष तीन करोड़ से अधिक के प्रायोजक जुटाने की चुनौती है। दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली की डब्ल्यूडब्ल्यूई के माध्यम से सरकार न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश में है, बल्कि इसकी टिकटों की बिक्री से आने वाली रकम को मुख्यमंत्री राहत कोष में भी जमा किया जाना है।

READ NEWS : हिमाचल हुआ खुश ! मानसून की दस्तक के बाद तापमान में 10 डिग्री गिरावट

यह रकम गरीबों के उपचार पर खर्च होगी। मगर शैड्यूल गेम न होने की वजह से सरकार अपने बूते इस पर खर्च नहीं कर सकती। लिहाजा सरकार प्रायोजक जुटाने की कोशिश कर रही है। प्रायोजक मिलने की स्थिति में सरकार डब्ल्यूडब्ल्यूई को आसानी से करवा सकती है। सरकार की 4 व 6 जुलाई को सोलन व मंडी में डब्ल्यूडब्ल्यूई करवाने की तैयारी में है।

READ NEWS : गली से बच्ची को उठाकर खाली प्लाट में ले गया, शोर मचाया तो मुंह दबाकर की दरिंदगी

मगर प्रायोजक न मिलने की वजह से इसे कैसे करवाया जाए, इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक में भी चार्च हुई। जयराम सरकार के एक मंत्री ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शो तय तारीख के मुताबिक ही होगा। मगर यह पूछे जाने पर कि प्रायोजक अथवा तीन करोड़ से अधिक की रकम कहां से आएगी तो इस पर उनका जवाब स्पष्ट नहीं था।

पंजाब और देश - विदेश से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक। Youtube

Web Title: confusion about the great khali show


advertisement
free stats