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इधर के दिनों में चीन ने निसंदेह विश्व मीडिया की नजर खींची है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 5 नवम्बर को पहले चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो में थीम भाषण दिया और अभिनव और समावेशी खुली विश्व अर्थव्यवस्था का सहनिर्माण करने की अपील की। चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने 6 नवम्बर को विश्व बैंक, आईएमएफ और विश्व व्यापार संगठन आदि छह प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व वित्तीय संस्था के अधिकारियों के साथ 1+6 वार्तालाप का आयोजन किया और खुलेपन के सहयोग में चीन और दुनिया द्वारा साझी जीत की खोज पर विचार विमर्श किया। उसी दिन चीनी उप राष्ट्रपति वांग छीशान ने सिंगापुर के अभिनव आर्थिक मंच में कहा कि चीन खुलेपन की बुनियादी नीति लागू करता रहेगा और विश्व के विभिन्न देशों के साथ आर्थिक भूमंडलीकरण को और खुला, समावेशी, संतुलन और साझी जीत की ओर विकसित करने को बढ़ाएगा।

इस के साथ साथ चीनी अंतर्राष्ट्रीय उड्डयन व अंतरिक्ष एक्सपो, 5वां विश्व इंटरनेट सम्मेलन भी क्रमशः चीन में आयोजित हो रहे हैं। चीन विश्व के समान विकास करने का संकल्प दिखाना चाहता है।

खुलापन तत्कालीन चीन का स्पष्ट चिन्ह है। चीन निरंतर खुलेपन का विस्तार करता रहा है। चीन ने खुद का विकास करने के साथ साथ दुनिया को भी लाभ दिया है। चीन सरकार के अनुमान के मुताबिक आगामी 15 सालों में चीन के आयात उत्पादों व सेवा का मूल्य क्रमशः 300 खरब यूएस डॉलर और 100 खरब यूएस डॉलर तक पहुंचेगा। चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास को और बड़ा महत्व देगा। चीन उपभोग का विस्तार करने और सेवा उद्योग का विकास करने से जनता की उच्च गुणवत्ता वाले जीवन की मांग को और अच्छी तरह पूरा करेगा और आर्थिक पुनःसंतुलन को आगे बढ़ाएगा।

आईएमएफ की निदेशक क्रिस्टीन लगार्द का मानना है कि चीन समृद्धि की ओर जाने वाले पुल का निर्माण कर रहा है। इस साल की पहली तीन तिमाहियों में चीन के जीडीपी के प्रति उपभोग की योगदान दर 78 प्रतिशत तक पहुंची थी, जबकि 5 सालों से पहले सिर्फ 50 प्रतिशत थी। इस समृद्ध पुल के निर्माण के लिए चीनी लोगों की ही नहीं पूरी दुनिया की आवश्यक्ता भी है।

इस साल विश्व वित्तीय संकट की 10वीं वर्षगांठ है। पिछले 10 सालों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय हाथ मिलाकर सहयोग करता रहा है। विश्व अर्थतंत्र में पुनरुत्थान की प्रवृत्ति नजर आयी है। लेकिन हाल में कुछ चिंताजनक जोखिम और चुनौतियां भी उभरी हैं। खास तौर पर इधर के दो सालों में व्यापार संरक्षणवाद उभर रहा है और व्यापारिक विवाद निरंतर जारी हैं।

विश्व व्यापार संगठन के आंकड़े बताते हैं कि 2017 के पूर्वार्द्ध में विश्व में कुल 309 व्यापारिक संरक्षण कदम उठाये गये, जिन्होंने भूमंडलीकरण के स्थिर विकास के सामने अनिश्चितिता पैदा की।

हाल में विश्व अर्थव्यवस्थआ एक चौराहे पर खड़ी हुई है। विश्व आर्थिक विकास पर चीन का रवैया व कार्यवाई अति महत्वपूर्ण है। साथ ही विश्व के विभिन्न देशों की समग्र नीतियों का समन्वय व सहयोग की भी जरूरत है।

हालांकि आजकल चीन की अर्थव्यवस्था में अस्थिर व अनिश्चित तत्व मौजूद रहे हैं, फिर भी दीर्घकालीन दृष्टिकोण से देखा जाए तो चीन का स्थिर आगे विकास हो सकेगा। चीन के पास विशाल बाजार और प्रचुर सुयोग्य व्यक्तियों का संसाधन है। चीन में व्यापारिक वातारण के निरंतर सुधार होने से चीन वित्तीय स्थिरता को बरकरार रखेगा और स्वेच्छा व सुव्यवस्थित रूप से वित्तीय बाजार के खुलेपन का विस्तार करेगा। चीन सरकार प्रशासन प्रक्रिया को सरल बनाएगी, कर और व्यापारिक खर्चे को कम करेगी और बौद्धिक संपदा के संरक्षण को मजबूत करेगी।

चीन ने वचन दिया है कि चीन हमेशा विश्व खुलेपन का अहम संरक्षक, विश्व आर्थिक विकास का स्थिर प्रेरणा स्रोत, वैश्विक प्रशासन व सुधार का सक्रिय योगदानकर्ता बनेगा। एक और सुन्दर दुनिया के निर्माण के लिए विभिन्न देशों को और साहस से काम कर खुलेपन व सहयोग को आगे बढ़ाना चाहिए और साझा विकास करना चाहिए।

 ( साभार—चाइना रेडियो इंटरनेशनल ,पेइचिंग)

 

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Web Title: China and the world should cooperate with the bridge

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