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शिमलाः सड़कों पर अक्सर देखा जाता है कि कोई दुर्घटना हो जाए तो आजकल लोग फोटो या फिर वीडियो बनाना शुरु कर देते हैं, लेकिन प्राथमिक सहायता देने के लिए कोई आगे नहीं आता। लेकिन शिमला में मानवीय मूल्यों का परिचय देते हुए जस्टिस संजय करोल ने एक उदाहरण पेश की है। जस्टिस ने अपनी इनोवा गाड़ी को एक मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए छोड़ दिया और खुद कोर्ट के लिए पैदल ही निकल पड़े। 

जस्टिस करोल ने सादगी का परिचय देते हुए पैदल ही चलना शुरू कर दिया। इस दौरान वहां लोगों की भीड़ जुट गई थी। शिमलावासी भी जस्टिस करोल को इस तरह पैदल हाईकोर्ट की तरफ रवाना होते देखकर हैरान रह गए।  इसी बीच, मुख्य न्यायाधीश के काफिले में चल रहे पायलट वाहन के चालक को मालूम हुआ कि जस्टिस करोल पैदल ही चल रहे हैं तो उसने गाड़ी रोकी। बाद में चीफ जस्टिस पायलट वाहन में सवार होकर हाईकोर्ट पहुंचे।

शिमला के पास ऑकलैंड हाउस स्कूल के पास एक आदमी सड़क पर अचानक अचेत हो गया, जिसके उम्र करीब 50 वर्ष के लगभग थी। उसे इस हालत में देखकर कोर्ट की तरफ जा रहे जस्टिस ने गाड़ी से उतर कर उक्त व्यक्ति का हाल जाना और अपने स्टाफ को बेहोश हो चुके व्यक्ति को आईजीएमसी अस्पताल ले जाने के लिए कहा और खुद की गाड़ी में उसे अस्पताल भेजा। अस्पताल में जैसे ही चीफ जस्टिस की गाड़ी पहुंची, डॉक्टर्स ने तुरंत बीमार का उपचार शुरू कर दिया। 
 

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Web Title: Chif Justice Helped Patient on Road

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