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बलिया : सजा सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘निर्भया’ कांड के तीन गुनहगारों की मौत की बहाल रखे जाने के बाद पीड़ित परिवार और उसके बलिया स्थित पैतृक गांव के लोगों ने खुशी जताई। गांव के लोगों ने फैसला आने के बाद मिठाई बांटी और मंदिर में विशेष पूजा की। बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र में स्थित दिल्ली के सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़िता के पैतृक गांव मेड़वार कलां में सोमवार को दोपहर बाद जैसे ही सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की जानकारी मिली, कांड के भुक्तभोगी परिवार और गांववासियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

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बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए सनसनीखेज निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में फांसी के फंदे से बचने का प्रयास कर रहे तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दीं। निर्भया के दादा लाल जी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि अगर अब तक दरिंदों को फांसी मिल गई होती तो आए दिन सामने आ रही हैवानियत की घटनाएं शायद ना होतीं।

 

Delhi 2012 gang-rape victim's parents Asha Devi and Badrinath Singh show victory symbol after the Supreme Court upheld death penalty for the convicts. pic.twitter.com/ukKEV6KgpQ

— ANI (@ANI) July 9, 2018

निर्भया की मां ने कहा कि उनका परिवार लगभग छह साल से संघर्ष कर न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। उन्हें खुशी है कि दरिंदों को किसी न्यायालय से अब तक कोई राहत नहीं मिली है।

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Web Title: celibration and pooja in village of nirbhaya after supreme court verdict

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