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ब्रजमोहन सिंह

राज्यसभा उपसभापति पद का चुनाव तो एक झलक भर है, दरअसल बीजेपी को एक बड़ी जीत मिली है जिसका अंदाज़ा कांग्रेस को अब तक नहीं है। कल की जीत बीजेपी के लिए आसान तो कतई नहीं थी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इसके लिए लम्बे समय से ग्राउंड वर्क कर रहे थे।

आख़िरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह की जोड़ी ने कैसे मना लिया अपने सहयोगियों को। सबसे पहली बात, जनता दल यूनाइटेड की निष्ठा पर पिछले समय से सवाल उठाये जा रहे थे, अब वह पूरी तरह से खारिज हो गए हैं। नीतीश कुमार लोक सभा चुनाव के दौरान मिस्टर मोदी के ट्रम्प कार्ड हैं।अब यकीन हो जाएगा कि नितीश कुमार की बात देश भर में सुनी जाती है। एनडीए गठबंधन को अगर कुछ सीटें कम हुईं तो उसके लिए नितीश कुमार अच्छी खासी फील्डिंग कर सकते हैं।

दूसरी बात, शिव सेना पिछले कुछ महीनों से बहकी-बहकी बातें कर रही थी, लेकिन इस चुनाव के बाद स्पष्ट हो गया कि शिव सेना के लिए बीजेपी का साथ छोड़ना आसान नहीं होगा। बीजेपी और शिव सेना में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन बीजेपी का हाथ छोड़ना शिव सेना के लिए संभव नहीं होगा।बीजेपी ने ओडिशा के क्षत्रप नवीन पटनायक को आखिरकार अपने पाले में ला खड़ा किया।

बीजेपी के लिए यह बहुत बड़ा प्लस होगा। अब देखना जारूरी होगा कि आने वाले लोक सभा चुनाव में नवीन बाबु मोदी के सतह खड़े होते हैं या नहीं। अगर ऐसा होता है तो बीजेपी को एक काबिल सहयोगी मिल जाएगा। लोक सभा चुनाव से पहले कांग्रेस को भी पता लग गया है कि मोदी और शाह की जोड़ी को इतनी आसानी से हराया नहीं जा सकेगा। हालाँकि कांग्रेस के लिए कुछ सकारात्मक सन्देश ज़रूर रहे हैं राज्य सभा उपसभापति चुनाव के दौरान। कांग्रेस को टीएमसी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी जैसे दलों की तरफ से आश्वस्ति ज़रूर मिली है कि उनके ऊपर राहुल गाँधी भरोसा कर सकते हैं। एक बड़ी लड़ाई के पहले दोनों हो नेताओं, मोदी और राहुल, को अपने दोस्तों और दुश्मनों की लिस्ट बनाने की अब ज़रुरत नहीं पड़ेगी।



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Web Title: Before 2019 Election List of Friends and Enemies of Modi and Rahul Gandi is ready

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