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लुधियाना: ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फैडरेशन के आह्वान पर देश भर में सरकारी बैंकों के अधिकारियों ने मांगों के समर्थन में हड़ताल की। देश भर में 3.20 लाख बैंक अधिकारियों के हड़ताल पर होने से बैंकों का कामकाज ठप्प रहा, जिस कारण हजारों करोड़ रूपए के ट्रांजेक्शन नहीं हुए। अकेले लुधियाना में ही अनुमानित 800 करोड़ रुपए का लेन-देन प्रभावित हुआ।

इस संदर्भ में एआईबीओसी की लुधियाना शाखा के बैनर तले बैंक अधिकारियों ने फव्वारा चौक स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जोनल कार्यालय के समक्ष जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान सैक्रेटरी जे.पी. कालड़ा, ऑर्गेनाइजिंग सैकेट्ररी अशोक अरोड़ा ने बताया कि बैंक अधिकारी वेतन भत्ताें में संशोधन किए जाने, सप्ताह में पांच दिन वर्किग सुनिश्चित करने, रिटायर्ड कर्मचारियों की पैंशन संविधान को अपग्रेड करने, एनपीए को रोकने के लिए बेहतर कदम उठाए जाने, बैंकों के निजीकरण को रोकने, पैंशन सिस्टम में सुधार करने जैसी मांगों को लेकर प्रोटैस्ट कर रहे हैं। 

उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक को मर्ज करने और रिटायर्ड बैंक मुलाजिमों के मैडीकल बीमा फीस बढ़ाए जाने की निंदा की। वहीं कंवल कुमार, बीएस मल्ली, जेएस मांगट आदि ने कहा कि बैंकों में लगातार बढ़ रहे एनपीए पर पर्दा डालने के लिए सरकार बैंकों को मर्ज कर ध्यान भटका रही है। उन्होंने बताया कि कई वर्षो से उनकी मांगें पैंडिंग पड़ी हैं, जिस कारण मजबूरन बैंक अधिकारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा है। वहीं अधिकारियों के हड़ताल पर होने से सभी बैंकों में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं जानकारी न होने के कारण खाताधारकों को बैंकों में बिना ट्रांजैक्शन किए ही वापस लौटना पड़ा। बैंकों के सभी काऊंटर्स खाली रहे। 

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Web Title: bank strike in Ludhiana punjab

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