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नई दिल्लीः राफेल डील को लेकर कांग्रेस हमेशा मोदी सरकार पर हमलावर रुख अपनाती है और इसी मुद्दे पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को कई बार घेरने की कोशिश की है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने तो राफेल डील पर बीजेपी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया है। लेकिऩ राफेल मुद्दे पर आज पहली बार वायुसेना चीफ बीएस धनोआ ने अपना आधिकारिक बयान दिया है। 

By providing the #Rafale and S-400, the government is strengthening the Indian Air Force to counter the short falls of our depleting numbers: Birender Singh Dhanoa, Air Force Chief in Delhi pic.twitter.com/kUesqUuMNr

— ANI (@ANI) September 12, 2018

#WATCH What we do not have are the numbers, against a sanctioned strength of 42 squadrons, we are down to 31. Even when we do have 42 squadrons, we will be below the combined numbers of two of our regional adversaries:Air Force Chief Birender Singh Dhanoa in Delhi pic.twitter.com/DKa6sQHDva

— ANI (@ANI) September 12, 2018

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बीएस धनोआ ने कहा कि राफेल एक एेसा लड़ाकू विमान है, जिससे भारत की शक्ति दोगुनी हो जाएगी। राफेल डील पर केंद्र सरकार का समर्थन करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि केंद्र सरकार हमें लड़ाकू विमान राफेल मुहैय़ा करवा रही है, जिससे हम विमानों के जरिए आ रही मुश्किलों का सामना आसानी से कर सकेंगे।

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हमारे पास इतने हथियार नहीं हैं कि हम दुश्मन का सामना डटकर कर सकें। लेकिन राफेल के मिल जाने से हमारी ताकत में इजाफा होगा। बहुत कम देश हैं जो हमारी तरह की दिक्कतों को सामना कर रहे हैं। हमारे दोनों तरफ परमाणु शक्ति वाले देश हैं और हमारे देश के पास कुल 31 दस्ते हैं, लेकिन हमें 42 दस्तों की जरुरत है। देखा जाए तो ये दस्ते भी मुश्किल घड़ी का सामना करने के लिए कम है। हमारे पास हथियारों की कमी है और अगर कोई मुश्किल आती है तो हम मुश्किल से ही दुश्मन के आगे खड़े हो पाएंगे। दरअसल, डील में कोई भ्रष्टाचार ना हो सके इसको देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने इस डील के समझौते के लिए कुछ एयरफोर्स के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी थी।

वायुसेना को राफेल का इंतजार!

आपको बता दें कि इससे पहले भी उपवायुसेना प्रमुख, एयर मार्शल एस बी देव ने भी राफेल डील अपनी राय रखी थी। उनका कहना था कि राफेल सौदे की आलोचना करने वाले लोगों को निर्धारित मानदंडों और खरीद प्रक्रिया को समझना चाहिए। राफेल एक बेहतरीन विमान है। यह काफी सक्षम विमान है और वायुसेना इसे उड़ाने की प्रतीक्षा कर रही है।

क्या हैं कांग्रेस के आरोप?
कांग्रेस ने राफेल डील पर मोदी सरकार को हर बार घेरा है और राफेल डील पर मोदी सरकार पर सीधा भष्टाचार का आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि यूपीए की सरकार के वक्त राफेल डील हुई ती और जब डील गहो गई थी तो फिर मोदी सरकरार ने राफेल विमान को 3 गुना ज्यादा कीमत पर क्यों खरीद रही है। कांग्रेस का आरोप है कि इस नई डील में किसी भी तरह की टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर की बात नहीं हुई है। पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के मुताबिक UPA सरकार की डील के अनुसार, 126 में से 18 एयरक्राफ्ट ही फ्रांस में बनने थे बाकी सभी HAL के द्वारा भारत में बनने थे।

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Web Title: Airforce Chief Support on Modi Government on Rafale Deal

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