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सिडनी: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) की विलक्षणता 50 से भी कम सालों में इंसानों जितनी हो जाएगी, जिसमें अनुकूलशीलता, सृजनात्मकता और भावनात्मक बुद्धि शामिल है। सिडनी में रविवार को यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साऊथ वेल्स (यू.एन.एस.डब्ल्यू.) के ‘फैस्टीवल ऑफ डेंजरस आइडियाज’ में प्रो. टोबी वाल्स ने कहा कि ए.आई. साल 2062 तक इंसान जितने अकलमंद हो जाएंगे।

यू.एन.एस.डब्ल्यू. सिडनी के कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैज्ञानिक प्रो. टोबी वाल्स ने इस संभावित वास्तविकता की तारीख भी बताई है। यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा, उनका मानना है कि 2062 वह साल होगा, जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता इंसानों की तरह ही अकलमंद हो जाएंगे, हालांकि जैसा कि हम जानते हैं कि दुनिया में इस संबंध में मौलिक बदलाव हो चुके हैं।

वाल्स ने कहा कि हम उन जोखिमों का सामना करने लगे हैं, जोकि ए.आई. के कारण भविष्य में और विकट रूप में सामने आने वाली हैं। वाल्स ने एक किताब लिखी है, जिसका शीर्षक ‘2061: एआई द्वारा बनाई गई दुनिया’ है। वह कहते हैं, पूर्ण स्वायत्त मशीनें युद्ध की प्रकृति को पूरी तरह से बदल देंगी और युद्ध लड़ने की दिशा में तीसरी क्रांति होगी।

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Web Title: 2062 humanity will be as intelligent AI

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