Advertisement
image

लुधियाना: खेलने-कूदने की उम्र में मां बनी 12 साल की बच्ची ने नवजन्मी बेटी को छोड़ दिया है। वह कृष्णा चैरीटेबल अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई है लेकिन घर लौटते वक्त उसने ‘बेटी’ को साथ ले जाने से साफ इंकार कर दिया। उसके परिजनों ने मजबूरी जताते हुए कहा कि उनकी बेटी उसे कैसे पालेगी, जबकि वह तो अभी खुद ही खेलने-कूदने की उम्र में है, इसलिए ‘मजबूर मां’ की यह ‘अनाथ’ मासूम बच्ची किसी और के घर में पलेगी। फिलहाल उसे स्वामी गंगानंद भूरीवाले इंटरनैशनल फाउंडेशन धाम तलवंडी खुर्द के एस.जी.बी. बाल घर में रखा जाएगा, जहां उसकी तरह कई और बच्चे भी पल रहे हैं। कुछ महीनों में उसे किसी ऐसे दंपत्ति को सौंप दिया जाएगा, जिनका घर आंगन बच्चे के बिना सूना है और उनके कान किलकारियों के लिए तरस रहे हैं। 

हवस के एक भेड़िए की शिकार 12 वर्षीय बच्ची ने दो दिन पहले कृष्णा चैरीटेबल अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था। अब उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाना था लेकिन उसने व उसके परिजनों ने साफ कह दिया कि वह बच्ची को साथ नहीं ले जा पाएंगे। इसके बाद चीफ ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट व सचिव लीगल सेवाएं अथॉरिटी गुरप्रीत कौर, चाइल्डलाइन लुधियाना के डायरैक्टर कुलदीप सिंह मान व को-ऑर्डीनेटर बलराज सिंह ग्रेवाल के यत्नों की बदौलत बच्ची को एस.जी.बी. बाल घर की मैनेजर एकमदीप कौर ग्रेवाल के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान अडॉप्शन को-ऑर्डीनेटर अरबिंद कुमार, रविंदर कौर व रणबीर कौर भी मौजूद थे। 

पंजाब और देश - विदेश से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक। Youtube

Web Title: 12 year old mother left the newborn baby


advertisement
free stats